झांसी। कोरोना वायरस के डर के कारण झांसी में डायग्नोस्टिक और पैथोलॉजी सेंटरों पर जांचों की संख्या में एकदम से इजाफा हुआ है। जिले में अब रोजाना लगभग 700 डिजिटल एक्सरे और 200 सीटी स्कैन हो रहे हैं। यही नहीं, पैथोलॉजी जांचों की संख्या में भी दोगुना का इजाफा हो रहा है। आलम यह है कि पैथोलॉजी पर सैंपल देने के लिए लोगों को काफी इंतजार करना पड़ रहा है। इसके पीछा का बड़ा कारण ये है कि लोग कोविड की जांच कराने से तो डर रहे हैं लेकिन संक्रमण के खौफ के चलते दूसरी जांचें कराकर अपनी सेहत की पड़ताल कर रहे हैं।
देश, प्रदेश के साथ-साथ अब झांसी जिले में भी कोरोना वायरस कुछ थमता नजर आ रहा है। हालांकि, दो हफ्ते पहले तक की बात की जाए, तो वायरस पूरी तरह बेकाबू था। न सिर्फ कोरोना के केस अधिक मात्रा में सामने आ रहे थे, बल्कि मौतें भी नहीं थम रही थीं। ऐसे में लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। जरा सी स्वास्थ्य संबंधी तकलीफ होने पर लोग कोरोना की जांच कराने से तो कतरा रहे हैं मगर डायग्नोस्टिक और पैथोलॉजी सेंटरों पर जांच कराने के लिए पहुंच रहे हैं। सेंटरों से पूछताछ में पता चला कि इन दिनों डिजिटल एक्सरे, सीटी स्कैन की जांचों में डेढ़ गुना तक इजाफा हुआ है। वहीं, पैथोलॉजी जांचों की संख्या दोगुनी हो गई हैं।
मौके का फायदा उठा चांदी काट रहे पैथोलॉजी संचालक
कोरोना वायरस के दौर में जांचों की संख्या में इजाफा होने के कारण इनकी दरें भी बढ़ गई हैं। 250 रुपये में होने वाले डिजिटल एक्सरे में भी पचास रुपये का इजाफा हो गया है। वहीं, कई सेंटरों ने सीटी स्कैन में भी सौ रुपये तक का इजाफा कर दिया है।
किस जांच से क्या पता चलता
डिजिटल एक्सरे: फेफड़े में संक्रमण की जानकारी मिलती है।
सीटी स्कैन: इससे भी फेफड़े में संक्रमण के साथ-साथ उनके खराब होने के प्रतिशत की जानकारी होती है।
पैथोलॉजी: आईएल-6, डी डाइमर, सीरम फेरिटिम जांच कराने से संक्रमण गंभीरता का पता चलता है।
ये है आंकड़ा
जांच का नाम सेंटर
सीटी स्कैन 8
डिजिटल एक्सरे 15
पैथोलॉजी 80