ललितपुर। कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव को लेकर किए जा रहे वैक्सीनेशन में भी स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों की लापरवाही उजागर हो रही हैं। बुधवार को वैक्सीनेशन शिविर में टीकाकरण कराने आए लाभार्थी को स्वास्थ्य कर्मी द्वारा दो डोज लगाने का मामला संज्ञान में आया है। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। उधर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस मामले को झूठा करार दिया है।
कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए सजगता के साथ कोविड वैक्सीन का टीकाकरण किया जा रहा है। इसमें प्रत्येक व्यक्ति को डोज की मात्र तय की गई है। साथ ही पहले डोज के बाद दूसरे डोज का समय तय किया गया है। वैक्सीनेशन के बाद लाभार्थी को 30 मिनट तक शिविर में ही बैठना पड़ता है।
बुधवार को दोपहर में शहर के मोहल्ला बड़ापुरा निवासी कृष्णमुरारी (38) शहर के रावर इंटर कॉलेज में वैक्सीनेशन शिविर में टीकाकरण कराने पहुंचा। जहां पर उसका वैक्सीनेशन कार्ड बनाया गया। इसके बाद वैक्सीन के डोज का टीका लगाया गया। लाभार्थी ने आरोप लगाया कि वैक्सीनेशन सत्र में टीकाकरण के दौरान तैनात एएनएम ने उसको एक की जगह दो टीका लगा दिए हैं। मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य महकमा में हड़कंप मच गया। इसके बाद लाभार्थी को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय लाया गया। जहां से जिला अस्पताल इमरजेंसी में भर्ती रहने की सलाह दी। हालांकि अब लाभार्थी पूरी तरह से स्वस्थ है।
लाभार्थी के केंद्र पर आने पर कार्ड जारी के बाद टीकाकरण किया गया। आधा घंटे तक परिसर में रुका रहा। जिसके बाद अपने घर चला गया। जहां से एक घंटे बाद आया और बताया कि दो डोज लगाए गए। जिस पर डोज की मात्रा की जांच की। जिसमें कोई डोज कम नहीं मिला।
- केएस सिंह, जिला सहायक मलेरिया अधिकारी, नोडल अधिकारी, टीकाकरण शिविर
लाभार्थी के दो डोज लगने की शिकायत पर इमरजेंसी लाया गया। जहां भर्ती रहने की सलाह दी, लेकिन वह अपने घर चला गया। उसे कोई परेशानी नहीं है।
- डॉ. हुसैन खान, नोडल अधिकारी, कोविड वैक्सीनेशन