महानगर में कोरोना संक्रमण का कहर बढ़ रहा है। इस दौरान लोग भी जांच कराने के दौरान लापरवाही बरत रहे हैं। आलम यह है कि जांच के दौरान नाम, पता और मोबाइल नंबर गलत दर्ज कराया जाता है। ऐसे में कोविड पॉजिटिव आने के दौरान संपर्क करने में स्वास्थ्य विभाग को दिक्कत हो रही है। डड़ियापुरा क्षेत्र के पते पर एक कोरोना पॉजिटिव को अब तक नहीं ढूंढा जा सका है। पार्षद ने डीएम से पते और मोबाइल नंबर का सत्यापन कराने के बाद जांच कराने की मांग की है। महानगर में कोरोना संक्रमण लगातार पैर पसार रहा है। वहीं महानगर में कोरोना जांच कराने वालों की संख्या भी बढ़ा दी गई है, लेकिन जांच के दौरान लोग गलत पता और मोबाइल नंबर दर्ज करा रहे हैं। वार्ड नंबर 50 डड़ियापुरा के पार्षद किशोरी प्रसाद रायकवार ने इसे लेकर डीएम से शिकायत की है। उन्होंने बताया कि वार्ड में 10 दिन पहले महेश कुशवाहा नाम के व्यक्ति को स्वास्थ्य विभाग की टीम ढूंढने पहुंचीं। विभाग की टीम के पास दर्ज रिकार्ड में पिता का नाम नहीं था और मोबाइल नंबर गलत था। इसके चलते वार्ड में जितने भी महेश कुशवाहा नाम के लोग थे, उन सभी के घर टीम गई। जिससे क्षेत्र में डर का माहौल रहा, लेकिन महेश कुशवाहा को आज तक ढूंढा नहीं जा सका। बुधवार को भी टीम एक युवक को ढूंढने पहुंची। उसका मोबाइल नंबर भी गलत था। हालांकि क्षेत्र के लोगों की सहायता से उसे ढूंढ लिया गया। पार्षद का कहना है कि जांच टीम को देखकर मिलते जुलते नामों के लोग डर के चलते भागने लगते हैं। उन्होंने डीएम से कहा है कि जिस व्यक्ति की कोविड जांच कराई जाए, उसके नाम, पता और मोबाइल नंबर का पहले सत्यापन कराया जाए। ताकि टीम को भी दिक्कत न हो और क्षेत्र के लोगों की भी सहूलियत रहे।