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कोरोना से जंग जीतकर आए सजायाफ्ता की मौत

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कोरोना से जंग जीतकर जेल वापस आए सजायाफ्ता की मौत, लग चुकी थीं दोनों वैक्सीन
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झांसी। कोरोना से जंग जीतकर वापस जेल आए सजायाफ्ता की मौत हो गई। 26 मई को निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद उसे जिला अस्पताल से जेल शिफ्ट किया गया था। लेकिन अगले ही दिन हालत बिगड़ी और मेडिकल कालेज में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उसे वैक्सीन की दोनों डोज भी लग चुकी थीं। जेल प्रशासन का कहना है कि वह दहेज हत्या के मामले में दस साल की सजा काट रहा था।
बबीना थाना क्षेत्रके ग्राम मथुरापुरा निवासी राधाचरण (57) दहेज हत्या के मामले में जेल में दस साल की सजा काट रहा था। इसी मामले में उसका बेटा व पत्नी भी जेल में बंद हैं। राधाचरण की 13 मई को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इस पर उसे जिला अस्पताल में दाखिल किया गया था। रिपोर्ट निगेटिव आने पर 26 मई को उसकी अस्पताल से छुट्टी हुई थी। अगले ही दिन 27 मई को उसकी जेल में तबीयत खराब हुई। जांच के लिए मेडिकल भेजा गया। ईसीजी रिपोर्ट निगेटिव आने पर अस्पताल से वापस जेल आ गया था, लेकिन रात लगभग साढ़े आठ बजे एक बार फिर उसकी तबीयत बिगड़ गई। जेल प्रशासन ने इलाज के लिए तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। यहां शुक्रवार की सुबह उसकी मौत हो गई। कैदी को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज 27 मार्च व 5 मई को लग चुकी थीं।
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188 बंदी छूट चुके हैं जेल से
झांसी। कोरोना काल में जेल से बंदियों को छोड़े जाने का क्रम जारी है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल ने बताया कि 130 बंदियों को अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया है। 51 पैरोल पर छूटे हैं, जबकि सात बंदियों को जुर्माना अदा किए जाने के बाद छोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि जेल के भीतर कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के सभी उपाय किए जा रहे हैं। इसी नतीजा है कि जेल परिसर संक्रमण से महफूज है। हाल ही में 672 बंदियों के कोरोना टेस्ट हुए थे और इनमें से महज दो में इस महामारी का संक्रमण पाया गया था।
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