फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना के चलते बच्चों का टीकाकरण दो महीने से बंद

विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना के चलते बच्चों का टीकाकरण दो महीने से बंद
विज्ञापन

झांसी। कोरोना संक्रमण के चलते बच्चों का टीकाकरण लगभग दो महीने से बंद चल रहा है। हाल ये है कि सरकारी अस्पतालों में कोरोना के मरीज भर्ती होने के चलते डॉक्टरों की ड्यूटी कोविड में लगा दी गई है। ऐसे में रुटीन वैक्सीनेशन प्रभावित हुआ है। हालांकि, चिकित्सक जल्द ही टीकाकरण शुरू करने की बात कह रहे हैं।
नवजात के जन्म लेने के साथ ही तमाम बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण शुरू हो जाता है। समय-समय पर बच्चों को विभिन्न वैक्सीन लगानी पड़ती है। इसका समय भी निर्धारित होता है। मगर अप्रैल से कोरोना की दूसरी लहर शुरू होने के साथ तेजी से मामले बढ़ने शुरू हो गए तो सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद हो गई। इसके साथ ही टीकाकरण भी नहीं हो सका। हालांकि, जो नवजात बच्चे जन्में उन्हें शुरूआत में जरूर वैक्सीन लगा दी गई। कुछ निजी अस्पतालों में भी जरूर बच्चों की वैक्सीन लगाई गई। चूंकि, अधिकांश लोग सरकारी अस्पतालों पर नि:शुल्क अथवा रियायती दरों पर वैक्सीन लगने के चलते टीकाकरण पर ज्यादा जोर देते हैं। ऐसे में बहुतायत मात्रा में बच्चों का टीकाकरण प्रभावित हो गया। हालांकि, अब मेडिकल कॉलेज का बाल रोग विभाग टीकाकरण शुरू करने पर विचार कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्जन..
मेडिकल कॉलेज में नवजात बच्चों को तुरंत जरूरी वैक्सीन लगाई जा रही है। हालांकि, कोविड ड्यूटी के कारण कुछ समय के लिए अन्य बच्चों को रुटीन टीकाकरण स्थगित किया गया है। अब केस घटने के कारण फिर से इसे शुरू करने की तैयारी है। - डॉ. ओमशंकर चौरसिया, बाल रोग विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें