कोरोना का कहर: अप्रैल में नहीं होंगी बीयू की परीक्षाएं
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों की वार्षिक परीक्षाएं अब अप्रैल में नहीं होंगी। कोरोना संक्रमण की रफ्तार पर लगाम लगने के बाद मई से इन्हें शुरू किया जा सकता है। पहले बीयू प्रशासन ने 15 अप्रैल से वार्षिक परीक्षाएं प्रस्तावित की थीं।
कोरोना की रफ्तार मंद पड़ने के साथ ही बुंदेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन ने मार्च में पंद्रह अप्रैल से परीक्षाएं शुरू कराने का फैसला किया था। इसके लिए तैयारियां भी शुरू कर दी गई थीं। अलग-अलग जिलों में नोडल सेंटर से लेकर केंद्र बनाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी। इसी बीच, कोरोना वायरस के मामलों ने तेज रफ्तार पकड़ ली। लगातार बढ़ते मामलों के साथ-साथ पंचायत चुनाव भी बीच में पड़ने की वजह से बीयू प्रशासन ने परीक्षा आगे टालने का फैसला किया है। अब यह परीक्षाएं दो मई के बाद कराई जा सकती हैं। तब तक पंचायत चुनाव का परीक्षा परिणाम भी जारी हो जाएगा। हालांकि, कोरोना के मामलों पर ही परीक्षा की तिथि तय होगी। यदि मामलों में कमी नहीं आती है तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
पिछली बार के छात्र किए गए प्रोन्नत
बीयू की वार्षिक परीक्षाएं पिछले साल दो मार्च से शुरू हुई थीं। दो सप्ताह परीक्षाएं चलने के बाद कोरोना के मामले बढ़ने लगे तो इन्हें स्थगित कर दिया गया। बाद में लॉकडाउन के कारण परीक्षाएं हो ही नहीं सकीं। ऐसे में प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं को अगली कक्षा में प्रोन्नत कर दिया गया। जबकि, अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की सितंबर में परीक्षाएं कराई गईं।
द्वितीय वर्ष के आधार पर ही मिलेंगे पहले साल के अंक
प्रथम वर्ष में प्रमोट किए गए छात्र-छात्राओं को दूसरे साल के आधार पर ही अंक मिलने हैं। ऐसे में अब यदि मामले बढ़ते भी हैं तो भी दूसरे साल के छात्रों को अगली कक्षा में प्रोन्नत करना मुश्किल होगा। जबकि, तीसरे साल के विद्यार्थियों की तो इस साल भी परीक्षा हुई है। ऐसे में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच बीयू प्रशासन के सामने इस बार परीक्षा कराना बड़ी चुनौती होगा।
वर्जन..
बीयू से संबद्ध कॉलेजों की वार्षिक परीक्षाएं अब दो मई के बाद होंगी। पंचायत चुनाव और कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते यह फैसला लिया गया है। मई के प्रथम सप्ताह में परीक्षाएं शुरू की जा सकती हैं। - प्रो. जेवी वैशम्पायन, कुलपति, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय।