झांसी। अब तक बुंदेलखंड के सभी जिलों में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा मरीज झांसी जिले में पाए जा चुके हैं। यहां नौ लोगों में महामारी के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। इस हिसाब से जनपद को बुंदेलखंड का हॉटस्पॉट कहा जाने लगा है। भारी संख्या में बाहरी लोगों के आवागमन की वजह से ये स्थिति बन गई है।
उत्तर प्रदेश के सात जिले झांसी, ललितपुर, जालौन, बांदा, महोबा, हमीरपुर व चित्रकूट तथा मध्य प्रदेश के सात जिले दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, सागर व निवाड़ी बुंदेलखंड क्षेत्र में आते हैं। अब तक इन 14 जिलों में से 7 में कोरोना वायरस दस्तक दे चुका है। जबकि, बाकी 7 जिले अब भी इस महामारी से महफूज बने हुए हैं। कोरोना वायरस के सर्वाधिक 9 मरीज झांसी जिले में पाए गए हैं। यहां ओरछा गेट इलाके की एक ही गली में रहने वाले 9 लोगों को ये बीमारी अपनी चपेट में ले चुकी है। काफी लोगों की कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट आना अभी बाकी है।
इसके बाद बांदा जनपद आता है। यहां 7 लोगों में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया जा चुका है। जालौन में भी मरीजों की संख्या बढ़कर 5 पर पहुंच गई है। मध्य प्रदेश के सागर जनपद में पांच संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं। महोबा व टीकमगढ़ में 2-2 मरीज पाए जा चुके हैं। जबकि, पन्ना में एक मरीज मिला है। क्षेत्र के ललितपुर, चित्रकूट, हमीपुर, छतरपुर, निवाड़ी, दमोह व दतिया अभी भी इस महामारी से महफूज बने हुए हैं।
बाहर से आए लोगों ने दूषित किया नगर
झांसी। लॉकडाउन से पहले और बाद में झांसी में भारी संख्या में बाहरी लोगों का आवागमन जारी रहा। खासतौर पर हजारों की संख्या में यहां अन्य प्रदेशों से मजदूर पहुंचे। ये सिलसिला अब भी जारी है। माना जा रहा है कि बाहर से आए लोगों की वजह से ही यहां कोरोना वायरस का संक्रमण पहुंचा। मरीज की कांटेक्ट ट्रेसिंग में अब तक ये सामने आया है कि पहली महिला संक्रमित मरीज का बेटा बाहरी मजदूरों के संपर्क में आया था, जो वायरस का वाहक बनकर अपने परिवार तक पहुंचा।