झांसी। कोरोना काल में जिला अस्पताल में किसी भी तरह के इलाज से पहले कोरोना की जांच अनिवार्य कर दी गई है। जिसके चलते लोगों ने जिला अस्पताल में इलाज कराने से परहेज करने लगे हैं। जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों की संख्या कुल 56 है। जबकि बदलते मौसम में हर साल वायरल लोगों की अपनी चपेट में ले लेता है। ऐसे में मरीजों की संख्या में इजाफा होना लाजमी था। अस्पताल में मेल सर्जिकल वार्ड, फीमेल सर्जिकल वार्ड, होल्डिंग वार्ड, चिल्ड्रेन वार्ड, आइसोलेशन वार्ड, वद्ध वार्ड, मेल मेडिकल वार्ड, फीमेल मेडिकल वार्ड, हृदय रोग सहित कुल 172 पलंग हैं। इसके अलावा मरीज अधिक आने पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से अलग से भी पलंगों की व्यवस्था कर मरीजों को भर्ती किया जाता है। लेकिन मरीजों के दिमाग में कोरोना की जांच का भय बैठा हुआ है। अस्पताल में इलाज कराने की जगह लोग गली व मुहल्लों में संचालित क्लीनिकों पर जाकर इलाज करा रहे हैं। जिसके चलते अस्पताल में लगातार मरीजों की तादात कम होती जा रही है।
इस संबंध में जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया की अस्पताल में मरीजों की संख्या कम हो गई है। वहीं अस्पताल भी बफर जोन में है। जिसके चलते लोग अस्पताल में इलाज कराने से बच रहे हैं।