झांसी। कोविड - 19 के कारण इस बार रामलीला आयोजन को लेकर संशय बरकरार है। रामलीलाओं में भगवान श्रीराम का चरित्र निभाने कलाकारों का कहना है, कि वह मंचन के लिए काफी उत्साहित है। साथ ही कोरोना से बचाव भी बेहद जरूरी है। लेकिन सरकार ऐसा उपाय भी निकाले कि रामलीला मंचन की परंपरा कायम रहे।
रामलीला कलाकारों का कहना है कि रामलीला भारत की ही नहीं, बल्कि विश्व की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत है। रामलीला से हर कोई आत्मीयता से जुड़ता है। राम कथा सभी पीढ़ियों को आदर्श जीवन जीने का संदेश देती है। कहा कि अगर सरकार दो से तीन दिन के मंचन की भी अनुमति देती है, तो धनुष यज्ञ, भरत मिलाप और लक्ष्मण शक्ति प्रसंगों की प्रस्तुति हो सकती है। इनमें भाई से भाई के प्रति जो प्रेम के विविध रूप है, वह अद्भुत है।
रामलीला को लेकर लगभग सभी प्रकार तैयारियां है। कोरोना से निजात और सरकार से अनुमति मिली, तो निश्चित ही इस बार भी भव्य मंचन का आयोजन होगा।
शुभम शर्मा रामलीला कलाकार
रामलीला से हम सभी को विशेष लगाव है। धनुष यज्ञ, भरत मिलाप, लक्ष्मण शक्ति प्रसंग सभी दर्शक देखते है। क्योंकि इन प्रसंगों में परिवार के प्रति प्रेम कई रूपों में नजर आता है।
विवेक मिश्रा रामलीला कलाकार