झांसी। विद्युत विभाग ने बिल न बनने पर खुद रीडिंग लेकर आने वाले उपभोक्ताओं को अब तुरंत बिल जारी करना बंद कर दिया है। उपभोक्ता द्वारा रीडिंग लाने पर पहले विभाग उसे अवर अभियंता से सत्यापित कराता है, इसके बाद ही बिल जारी हो पा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। यह कदम गलत रीडिंग के कई मामले सामने आने के बाद उठाया गया है।
अभी तक विद्युत विभाग ने हर माह अधिक से अधिक राजस्व प्राप्त करने के लिए व्यवस्था बना रखी थी कि अगर किसी उपभोक्ता का बिल किसी कारण से माह के अंत तक अथवा इससे अधिक समय से नहीं बन पा रहा है तो वह उपभोक्ता पुराना बिल व मीटर में आ रही रीडिंग को लेकर संबंधित काउंटर से अपना बिल बनवा सकता था।
मगर क्रॉस चेकिंग में कई ऐसे मामले पकड़े गए, जिनमें उपभोक्ता ने रीडिंग स्टोर कर रखी थी। चेकिंग में ऐसे बिलों की जांच की गई, जिनका बहुत कम बिल बन रहा था। मगर अब उपभोक्ता को इस तरह बिल बनाने के लिए पहले रीडिंग एसडीओ अथवा जेई से सत्यापित करवानी होगी। उपभोक्ता जिस प्रार्थना पत्र पर रीडिंग सत्यापित कराएगा, उसे वह बिल काउंटर पर जमा करना होगा, तभी उसको बिल जारी किया जाएगा।
इस संबंध में अधिशासी अभियंता (प्रथम) पीके सागर ने बताया कि काउंटर पर एक रजिस्टर रखा गया है, उसमें उपभोक्ता के हस्ताक्षर, रीडिंग व मोबाइल नंबर दर्ज कराया जा रहा है। रीडिंग सत्यापन के बाद उपभोक्ता का बिल जारी किया जा रहा है।