हिरासत में मुंह नहीं खोलने वाले जीआरपी सिपाही हरीशंकर गौतम ने रिमांड पर आते ही सोने का राज उगल दिया। उसने बताया कि स्टेशन के पास खड़ी बाइक की सीट के नीचे लूटा गया आधा किलो सोना रखा है। पुलिस ने उसे बरामद कर लिया। उसके साथी ललितपुर निवासी वसीम से जीआरपी पहले ही आधा किलो सोना बरामद कर चुकी है।
बांदा निवासी सराफा व्यापारी संजय अग्रवाल के कर्मचारी अनिल कुमार सोनी से 26 अक्तूबर की रात जीआरपी के सिपाही हरीशंकर गौतम और उसके साथी वसीम ने एक किलो सोना लूट लिया था। घटना की रात ही जीआरपी ने सिपाही को हिरासत में ले लिया था। तीन दिन हिरासत में लेकर पुलिस उससे पूछताछ करती रही थी, लेकिन उसने न तो अपने साथी का पता बताया था और न ही सोने का राज उगला था। 29 अक्तूबर को पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। इसके बाद जीआरपी ने उसके साथी वसीम को गिरफ्तार कर आधा किलो सोना बरामद कर दिया था। पूछताछ में आरोपी वसीम ने बताया था कि आधा किलो सोना सिपाही हरीशंकर गौतम के पास है। सोना बरामद करने के लिए जीआरपी ने अदालत से रिमांड मांगी थी।
बृहस्पतिवार को रिमांड मिलने के बाद जीआरपी ने हरीशंकर गौतम से कड़ाई के साथ पूछताछ की तो उसने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद सोने को बराबर हिस्से में बांट लिया था। उसने अपने हिस्से का सोना स्टेशन के पश्चिम क्षेत्र स्थित पुल के नीचे बाइक की सीट के नीचे छिपाकर रखा है। इंस्पेक्टर रघुवीर सिंह ने अपनी टीम के साथ मौके पर जाकर बाइक से सोना बरामद कर लिया। सोना बरामद करने के बाद सिपाही को वापस जेल भेज दिया गया।