कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह ने सोमवार को झांसी में कहा कि बीती रात जेएनयू में छात्रों पर हमला करने वाले नकाबपोश एबीवीपी के गुंडे थे। जेएनयू में हुई हिंसा पर अगर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो यही माना जाएगा कि यह गृहमंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी का एक सुनियोजित षडयंत्र था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को इसकी निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए। दिग्विजय सिंह ओरछा में रामराजा सरकार की पूजा अर्चना के बाद पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि शांति के टापू पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जेएनयू मामले का पूरा वीडियो बता रहा है कि पुलिस चुपचाप है और गुंडों को विश्वविद्यालय के अंदर जाने दिया जा रहा है।
वहीं कांग्रेस सेवादल की पुस्तक पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल के बयान को लेकर उन्होंने कहा कि सेवादल वह संगठन है जिसने आजादी की लड़ाई में भाग लिया, जेल गए, डंडे खाए। जब सेवादल आजादी के लिए ब्रटिश हुकूमत से डंडे खा रही थी तब संघ के लोग संगठनों को ब्रटिश हुकूमत में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यूरोपीय देश में हिटलर के साथ जो हुआ वही हश्र भाजपा का भी होगा।