संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। यात्रियों को एसी बसों में बेहतर सुविधाएं देने के दावे तो कई किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत बिल्कुल जुदा है। गंदे और बदबूदार पर्दाें के साथ फर्श पर बिछी उखड़ी मेट और जगह-जगह फैली गंदगी इन बसों की पहचान बनती जा रही है। सुरक्षा मानक भी भगवान भरोसे हैं। एसी का तमगा लगा है, इसलिए ठंडी हवा मुहैया कराना मजबूरी है। जनरथ एसी बसाें में अव्यवस्था हावी है।
जिन सुविधाओं के लिए यात्री पैसे खर्च कर रहे हैं, वह उन्हें जनरथ बसों में नहीं मिल रही। अमर उजाला की टीम ने 2:40 बजे बस स्टैंड पर कानपुर जाने वाली जनरथ बस में पड़ताल की तो यह सब हकीकत सामने आई।
2- फोटो - फायर सिलिंडर पर नहीं कोई वैधता।
आग से इंतजाम भगवान भरोसे
बस में आग से बचाव के लिए फायर सिलिंडर तो मौजूद था, लेकिन इस पर वैधता अंकित नहीं दिखी। यह काम कर भी रहा है या नहीं, एक यात्री ने इस पर भी आशंका जताई। ऐसे में आग से बचाव के इंतजाम बस में भगवान भरोसे रहे।
क्या बोले यात्री -
गुजरात के राजकोट निवासी मंगल पंडिया ने कहा कि वह झांसी घूमने आए थे। एसी बस में वह अक्सर चलते हैं, लेकिन रोजवेज बसों में यात्रा करने में जेब ढीली होती हैं। सुविधाएं भी नहीं मिलती और परेशानी उठानी पड़ती है।
गुजरात के ही गांधीनगर निवासी प्रणव पुरुच्छक ने बताया कि वह भी झांसी घूमने आया था। बस में अव्यवस्थाएं हैं। साफ-सफाई नहीं है। जैसे-तैसे सफर पूरा होता है।
बसों की मरम्मत का कार्य निजी कंपनी के हाथ में है। साफ-सफाई से लेकर व्यवस्थाएं ठीक रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। लापरवाही पर नोटिस जारी किया गया है। अब कंपनी के बिलों में कटौती की कार्रवाई की जाएगी। - संतोष कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम, झांसी