अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। डीएम गौरांग राठी के जिला अस्पताल निरीक्षण के दौरान नेत्र परीक्षक (ऑप्टोमेट्रिस्ट) को निलंबित करने के आदेश में अब पेंच फंस गया है। नेत्र परीक्षक ने दवा की पर्ची लिखने से इन्कार किया है, जिस पर अब लिखावट की जांच कराने का निर्णय लिया गया है।
सोमवार को डीएम के औचक निरीक्षण के दौरान कुछ मरीजों ने बाहर की दवाएं लिखी पर्चियां दिखाईं। तब ड्यूटी पर तैनात डॉ. गौरव सेठ ने पर्ची पर लिखावट अपनी होने से इन्कार किया। मरीजों ने बताया कि पर्ची नेत्र परीक्षण कक्ष में लिखी गई थी। डीएम ने नेत्र परीक्षक आशीष साहू के निलंबन के निर्देश दिए थे। हालांकि, नेत्र परीक्षक ने दावा किया है कि उन्होंने कोई दवा पर्ची नहीं लिखी है और लिखावट की जांच कराई जाए।
जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. आरके सक्सेना ने नेत्र परीक्षक को नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके कक्ष से दवाएं कैसे लिखी जा रही हैं। तीन दिन में जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उन्हें सीएमओ कार्यालय के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया है। तर्क दिया गया कि वह सीएमओ कार्यालय के कर्मचारी हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई वहीं से की जाएगी।
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि नेत्र परीक्षक और पर्ची की लिखावट की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही निलंबन को लेकर आगे की कार्रवाई होगी।