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Jhansi News: शिक्षाशास्त्र, भूगोल, विधि समेत कई विषयों में पीएचडी के लिए होड़

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- बीयू प्रशासन कोर्स वर्क काउंसलिंग की जल्द तिथि करेगा घोषित
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने पीएचडी की प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। इसमें 50 फीसदी अंक लाने वाले अभ्यर्थी ही परीक्षा में पास हुए हैं। अब शिक्षाशास्त्र, भूगोल, विधि समेत कई ऐसे विषय हैं, जिसमें पीएचडी करने के लिए होड़ मची हुई है। जल्द ही कोर्स वर्क काउंसलिंग की तिथि घोषित कर दी जाएगी।
बीयू ने नवीन परीक्षा भवन में 31 मार्च को 45 विषयों की पीएचडी की प्रवेश परीक्षा कराई थी। 18 अप्रैल को परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया। इसमें 407 यानी 47 फीसदी अभ्यर्थी ही पास हो पाए हैं। चूंकि, 454 अभ्यर्थी नेट, जेआरएफ या इसके समकक्ष परीक्षा पास किए हैं और उन्हें प्रवेश परीक्षा से छूट मिली थी। ऐसे में अब अलग-अलग विषयों से पीएचडी करने के लिए 861 अभ्यर्थी रह गए हैं। चूंकि, अभी सभी विषयों में पीएचडी की सीटों का निर्धारण नहीं हुआ है। काउंसलिंग अथवा साक्षात्कार के पहले शोधार्थियों का शोधग्रंथ यानी थीसिस जमा होने के आधार पर ही सीटों में इजाफा किया जाएगा। ऐसे में पिछले साल की सीटों के आंकड़ों को देखें तो शिक्षाशास्त्र की 10 सीटों पर प्रवेश के लिए 130 अभ्यर्थियों में होड़ है। इसी तरह, विधि की चार सीटों के सापेक्ष 80, भूगोल की दो सीटों के सापेक्ष 44, कॉमर्स की चार सीटों के सापेक्ष 58, लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस की दो सीटों के सापेक्ष 24 अभ्यर्थी हैं।
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इन विषयों से पीएचडी के लिए नहीं दिखी दिलचस्पी
बीयू में कई कोर्स ऐसे भी हैं, जिनमें पीएचडी करने के लिए छात्र-छात्राओं ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है। पिछले साल की सीटों को देखें तो माइक्रोबोयोलाॅजी की छह सीटों के सापेक्ष एक, बायोकेमिस्ट्री की चार सीटों के सापेक्ष तीन, बायोटेक्नोलॉजी की चार सीटों के सापेक्ष तीन, एंटोमाोलॉजी की दो सीटों के सापेक्ष एक ही अभ्यर्थी है।
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वर्जन..
बीयू कैंपस में पिछले साल पीएचडी की करीब 200 सीटें थीं। पिछली बार की तरह इस बार भी कई विषयों में अभ्यर्थियों के बीच पीएचडी करने की होड़ है। - विनय कुमार सिंह, कुलसचिव, बीयू।
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