अब अवस्थापना निधि से बनवाने होंगे सामुदायिक शौचालय वित्तीय मदद न मिलने से पहले ही आर्थिक संकट में हैं ग्राम पंचायतें अमर उजाला ब्यूरो झांसी। आपदा की वजह से ग्राम पंचायतों के खाते में अब तक सामान्य विकास निधि भी नहीं आई है। जबकि अवस्थापना निधि एवं 14वें वित्त आयोग का पैसा सामुदायिक शौचालय बनवाने में खर्च करने के निर्देश दिए गए हैं। सामान्य तौर पर केंद्र सरकार 14वें वित्त आयोग एवं राज्य सरकार चौथे वित्त आयोग के जरिए ग्राम सभाओं को विकास संबंधी कार्यों के लिए वित्तीय मदद देती है। सामान्य निधियों के जरिए भी पंचायतों की मदद की जाती है लेकिन, इस बार कोविड महामारी के चलते नए वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही खत्म होने के बावजूद पंचायतों को वित्तीय मदद जारी नहीं की गई। पंचायतें 14वें वित्त आयोग से मिले पैसों के जरिए कुछ काम करा रही हैं लेकिन अब, पंचायतों के पास जमा रकम पर राज्य सरकार की निगाह लग गई। पिछले दिनों पंचायती राज विभाग ने एक शासनादेश के जरिए सभी ग्राम पंचायतों को 14वें वित्त एवं चौथे राज्य वित्त आयोग के पैसों से गांव में सामुदायिक शौचालय बनवाने के निर्देश दिए हैं। शासनादेश के जरिए ग्राम पंचायत को सार्वजनिक स्थान पर टू सीटर, थ्री सीटर एवं सेवन सीटर शौचालय बनवाने हैं जिनमें 8-10 लाख तक खर्च आएगा जबकि कई पंचायतों के पास सिर्फ इतना ही पैसा शेष बचा है। पंचायत प्रतिनिधियों का तर्क है इस काम में पैसा खर्च करने के बाद वह दूसरे विकास कार्य नहीं करा सकेंगे। इसे देखते हुए पंचायतों के इसमें दिलचस्पी लेने की उम्मीद कम दिखती है। डीडी पंचायत संजय कुमार बरनवाल के मुताबिक अभी सिर्फ मॉडल के तौर पर एक-एक बनवाने के निर्देश आए हैं। इनसे अधिक भार नहीं पड़ेगा।