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Jhansi News: मेडिकल कॉलेज आएं, बिना डोनर के प्लाज्मा लेकर जाएं

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- ब्लड बैंक में 467 यूनिट फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा उपलब्ध
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में अब मरीजों को बिना डोनर के फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा (एफएफपी) मिल जाएगा। कॉलेज की ब्लड बैंक में अलग-अलग ब्लड ग्रुप का 467 यूनिट एफएफपी उपलब्ध है। अभी ब्लड बैंक से रोजाना 10 से 12 मरीजों के लिए प्लाज्मा दिया जाता है।
मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक से सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए बिना किसी प्रोसेसिंग शुल्क के प्लाज्मा दिया जाता है। हालांकि, डोनर की जरूरत पड़ती है। मगर जब पर्याप्त मात्रा में प्लाज्मा उपलब्ध होता है तो बिना डोनर के भी सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीज को प्लाज्मा दे दिया जाता है। हालांकि, निजी अस्पताल में भर्ती मरीजों को एफएफपी देने के लिए कॉलेज की ब्लड बैंक में 300 रुपये प्रोसेसिंग शुल्क जमा करना पड़ता है। डोनर की भी जरूरत पड़ती है। मगर अब मरीजों को बिना डोनर के ही प्लाज्मा मिल जाएगा।
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लिवर सिरोसिस से लेकर रक्तस्राव होने पर पड़ती जरूरत
मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक प्रभारी के मुताबिक एफएफपी रक्त के तरल हिस्से से बना एक रक्त अवयव है। लिवर सिरोसिस, लिवर फेल्योर के मरीजों को प्लाज्मा चढ़ाया जाता है। साथ ही रक्त में प्रोटीन का स्तर कम होने, रक्तस्राव होने या रक्तस्राव का खतरा होने पर भी प्लाज्मा की जरूरत पड़ती है। बर्न केस में भी मरीज को प्लाज्मा चढ़ाते हैं। क्योंकि, रोगी के शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिसकी पूर्ति प्लाज्मा चढ़ाकर करते हैं।
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मेडिकल कॉलेज में अब बिना डोनर के प्लाज्मा मिलेगा। प्रचुर मात्रा में एफएफपी उपलब्ध है। ब्लड बैंक से रोजाना 10 से 12 मरीजों के लिए प्लाज्मा दिया जाता है। एक-एक मरीज को चार से पांच यूनिट तक प्लाज्मा की जरूरत पड़ती है।
- डॉ. एमएल आर्या, ब्लड बैंक प्रभारी, मेडिकल कॉलेज।
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