झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग में रखी कोबाल्ट मशीन ले जाने पर चेन्नई की कंपनी के खिलाफ नवाबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। प्राचार्य की शिकायत कंपनी पर विश्वास के आपराधिक हनन की धारा 406 के तहत केस दर्ज किया गया है।
कैंसर के इलाज में सहायक कोबाल्ट मशीन को लेकर शुरू से ही विवाद बना रहा। पहले मशीन न चलने को लेकर सुर्खियों में रही। रखे-रखे तीन करोड़ की मशीन का सोर्स नष्ट हो गया। इसके बाद सोर्स हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। सोर्स हटाने के साथ-साथ कंपनी के लोग मशीन भी साथ लेकर चले गए। मामला तूल पकड़ा तो प्रशासन की तरफ से जांच समिति का गठन कर दिया। कुछ दिन पहले मशीन न चलने की जांच करने आई शासन की टीम ने भी कोबाल्ट मशीन गायब होने पर सवाल दागे। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन हरकत में आया। 31 दिसंबर को मेडिकल कॉलेज की तत्कालीन प्राचार्य डॉ. साधना कौशिक की तरफ से नवाबाद थाने में प्रार्थनापत्र देकर चेन्नई की एक कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए प्रार्थनापत्र दिया गया। उन्होंने शिकायती पत्र में लिखा कि मेडिकल कॉलेज के रेडियोथेरेपी विभाग में उपचार के लिए एक मशीन थैराटॉन कोबाल्ट 780 ई वर्ष 2005-06 में स्थापित की गई थी। इसमें लगा हुआ कोबाल्ट सोर्स आयु पूर्ण होने के कारण क्रियाशील नहीं रह गया था। इसको नष्ट करने के लिए चेन्नई की कंपनी को आदेश दिया गया था। अक्तूबर में कंपनी का स्टाफ सोर्स के साथ-साथ पूरी मशीन ही ले गया। अब नवाबाद थाने में चेन्नई की कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।