झांसी। शासन-प्रशासन की सख्ती का असर अब क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी (आरएचईओ) कार्यालय में दिखने लगा है। पिछले चार दिन में करीब 26 कोचिंग संचालकों ने पंजीकरण फार्म लिए हैं।
आरएचईओ कार्यालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार झांसी मंडल में 12 ही कोचिंग ही पंजीकृत हैं, बाकी अपंजीकृत हैं। लखनऊ के अलीगंज की कोचिंग में आग से 15 छात्र-छात्राओं की मौत के बाद प्रशासन ने अपंजीकृत अथवा मानक के विपरीत चल रही कोचिंग सेंटरों पर सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई को प्रशासन, पुलिस, प्राधिकरण और दमकल की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया। शिकंजा कसता देख तमाम कोचिंग संचालकों ने आरएचईओ कार्यालय की तरफ पंजीकरण के लिए दौड़ लगाना शुरू कर दिया है। पिछले चार दिन में 26 कोचिंग संचालकों ने पंजीकरण के लिए फार्म लिए हैं। आरएचईओ सुनील बाबू का कहना है कि कोचिंग संचालक पंजीकरण के लिए फार्म लेने के लिए आ रहे हैं।
पंजीकरण के लिए जरूरी
कोचिंग के पंजीकरण के लिए फायर एनओसी होना अति आवश्यक हैं। इसके बिना किसी भी सूरत में पंजीकरण करना संभव नहीं होता है। इसके अलावा जेडीए से एप्रूव्ड नक्शा का भी होना जरूरी है। इनके होने के बाद ही कोचिंग का पंजीकरण संभव है।