सीएम योगी ने दतिया जाकर मां पीताम्बरा के दर्शन किए
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उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ मंगलवार रात झांसी में ही रुकने के बाद बुधवार(10 मार्च) सुबह वहां से महोबा और चित्रकूट के दौरे के लिए निकल गए। झांसी से निकलने से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने दतिया जाकर मां पीताम्बरा के दर्शन किए। इस दौरान सभी जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। माता के पूजन-अर्चन के बाद सीएम आगे के दौरे पर निकल गए।
मंगलवार को सीएम ने जाना योजनाओं का हाल
मंगलवार को झांसी दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंडल की कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की भी समीक्षा की। कहा कानून व्यवस्था किसी हाल में बिगड़ने न पाए। कमिश्नरी सभागार में शाम को लगभग ढाई घंटे चली बैठक में सीएम ने जनप्रतिनिधियों व अफसरों के साथ विभिन्न योजनाओं पर चर्चा की और दिशा निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी का रजिस्ट्रेशन बढ़ाएं, इससे व्यापारियों को लाभ होगा। साथ ही, उन्होंने कहा कि इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि जीएसटी वसूली करने वाले कारोबारी उसे सरकारी खाते में भी नियमित रूप से जमा करें। इसकी लगातार मॉनीटरिंग की जाए।
स्कूलों की भी समीक्षा की
परिषदीय स्कूलों की कायाकल्प योजना की समीक्षा करते हुए सीएम ने कहा कि विद्यालयों की पानी टंकी में कुछ टोंटी नीची भी लगाई जाएं, ताकि छोटे बच्चे भी आसानी से पानी पी सकें। इसके अलावा उन्होंने कहा कि कोटे की दुकानों का आवंटन प्राथमिकता के आधार पर स्वयं सहायता समूहों को किया जाए। स्मार्ट सिटी के कामों में और भी तेजी लाई जाए।
अवैध निर्माण को लेकर कही ये बात
अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई हो तथा सड़कों पर अतिक्रमण न जमने दिया जाए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि महिलाओं पर होने वाले अपराधों पर किसी भी दशा में शिथिलता न बरती जाए।आईजीआरएस हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करने वाले शिकायकर्ताओं को संतुष्ट किया जाए। शिल्प हाट की समीक्षा करते हुए सीएम ने कहा कि इसे लखनऊ की अवध शिल्पहाट की तर्ज पर विकसित किया जाए।
झांसी को सेफ सिटी बनाने के दिए निर्देश
इसके अलावा सीएम ने कहा कि प्रदेश की कई शहर सेफ सिटी हैं, उसी तर्ज पर झांसी को भी बनाया जाए। ज्यादा से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। इससे अपराधों पर तो नियंत्रण होगा ही, अपराधियों को पकड़ना भी आसान होगा। हर आपराधिक वारदात पर पुलिस तत्परता से कार्रवाई करे। जल जीवन मिशन के तहत तैयार की जा रही हर घर जल योजना व पानी से जुड़ीं अन्य परियोजनाओं की लगातार मॉनीटरिंग की जाए।