झांसी। आने वाले दिनों में आपको संपत्ति की खरीद-फरोख्त के लिए सब रजिस्ट्रार कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने होंगे। यह काम घर बैठे ही कंप्यूटर की मदद से पूरा हो जाएगा। निबंधन विभाग बैनामों की प्रक्रिया ऑनलाइन करने जा रहा है। इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है।
संपत्ति का बैनामा कराने में पूरा एक दिन खर्च हो जाता है। स्टांप खरीदकर डीड तैयार करानी होती है। तदुपरांत, उसे सब रजिस्ट्रार कार्यालय में जमा कर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ जाता है। इसके बाद पंजीकृत दस्तावेज अगले दिन लेने जाना होता है। लेकिन, आने वाले दिनों में यह काम घर बैठे ही पूरा हो जाएगा।
निबंधन विभाग बैनामे की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन करने जा रहा है। इसके लिए विभाग विशेष सॉफ्टवेयर बनाया जा रहा है, जिसमें डीड के प्रोफार्मा के अलावा बारह साल तक संबंधित जमीन को लेकर कोर्ट में चलने वाले विवादों की जानकारी भी रहेगी।
साथ ही साफ्टवेयर में सर्किल रेट भी दर्ज रहेंगे, जिससे स्टांप ड्यूटी का आंकलन बेहद आसान होगा। निर्धारित स्टांप ड्यूटी जमा करने पर एक कोड दिया जाएगा, जिसका उल्लेख डीड में किया जाएगा। संपत्ति के क्रेता-विक्रेताओं को सब रजिस्ट्रार के समय अंगूठा लगाने व फोटो खिंचाने के लिए सब रजिस्ट्र्रार कार्यालय जाना होगा।
बैनामों की प्रक्रिया ऑनलाइन करने को विभाग द्वारा विशेष सॉफ्टवेयर बनाया जा रहा है। इस व्यवस्था को लागू करने से पहले खतौनियों को आधार से लिंक किया जाएगा। इससे संपत्ति की खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया बेहद आसान हो जाएगी। साथ ही पारदर्शिता भी रहेगी।
- एके पासवान, सहायक महानिरीक्षक- निबंधन