फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi News: शिक्षा विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने फांसी लगाकर दी जान

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

झांसी। शहर कोतवाली इलाके में शिक्षा विभाग के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्मघाती कदम उठाने की वजह मानसिक अवसाद को बताया जा रहा है। पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी हुई है।
विज्ञापन

डडियापुरा निवासी नरेश तिवारी (40) शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे। मृतक के चचेरे भाई राजीव ने बताया कि नरेश के पिता रामबाबू शिक्षा विभाग में कार्यरत थे। दो साल पहले उनकी मौत हो गई थी। अनुकंपा के आधार पर नरेश को शिक्षा विभाग में नौकरी मिली थी। बृहस्पतिवार की रात नरेश घर आए और अपने कमरे में सोने चले गए। देर रात आहट होने पर मां जाग गईं और नरेश के कमरे पर पहुंची। कमरा अंदर से बंद था। आवाज लगाने पर अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। इस पर उन्होंने खिड़की से देखा तो नरेश फंदे पर लटका हुआ था। मां ने रिश्तेदारों को फोन लगाया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने नरेश को नीचे उतारा और आनन-फानन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर भागे। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दो भाइयों में नरेश बड़ा था। छोटा भाई प्रदीप बाहर रहता है। करीब सात दिन पहले नरेश की पत्नी मीनाक्षी दोनों बच्चों को लेकर मायके गई थी। घर पर नरेश और उसकी मां कृष्णा थीं। परिजनों ने बताया कि कि नरेश की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, न ही घर पर कोई विवाद हुआ। वह कुछ समय से डिप्रेशन में चल रहा था। इस वजह से उसने यह कदम उठाया गया। शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मानसिक अवसाद के चलते आत्महत्या करने की वजह सामने आई है। हालांकि, मामले की पड़ताल की जा रही है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें