शहर में ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना होगी। इसके लिए पंद्रह दिन के भीतर जमीन तलाश की जाएगी। झांसी विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में ये निर्देश मंडलायुक्त कुमुदलता श्रीवास्तव ने दिए। उल्लेखनीय है कि अभी ट्रक खड़े करने के लिए शहर में कोई स्थान निर्धारित नहीं है। ऐसे में गाड़ियां सड़कों के किनारे यहां-वहां खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे आवागमन बाधित होता है। ट्रांसपोर्ट नगर बन जाने से लोगों को इस समस्या से छुटकारा मिलेगा।
जिले में लगभग तीन हजार ट्रक परिवहन विभाग में दर्ज हैं। रोजाना तकरीबन एक हजार ट्रकों का आवागमन होता है। इनमें से ज्यादातर गाड़ियां न्यू रोड के पास, कानपुर रोड पर आरटीओ ऑफिस के आगे, भगवंतपुरा में सड़कों के दोनों ओर खड़ी होती हैं। इसके अलावा कहीं भी खुली जगह मिलने पर ट्रक खड़े कर दिए जाते हैं। इससे आवागमन बाधित होता है।
सड़कों पर जाम की स्थिति पैदा होती है। दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। शुक्रवार को रक्सा के पास ऐसे ही एक सड़क किनारे खड़े ट्रक से बाइक टकरा गई थी, जिससे तीन लोग घायल हो गए थे। ट्रकों की पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए जेडीए बोर्ड की बैठक में शहर में ट्रांसपोर्ट नगर बनाने का फैसला लिया गया है।