झांसी। जिले में 4.80 करोड़ से हाईटेक गोशालाएं बनाई जाएंगी। इसके लिए जमीन का चिंह्निनीकरण हो गया है। शासन को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। जिले की चार गोशालाओं में 12 हजार से ज्यादा अन्ना पशुओं की क्षमता के लिए विकसित किया जाएगा।
बुंदेलखंड में किसानों के लिए अन्ना पशु सबसे बड़ी समस्या हैं। इसका पशुपालन विभाग द्वारा स्थायी समाधान ढूंढ लिया है। अब जनपद में 4.80 करोड़ से चार हाईटेक गोशालाएं बनेंगी। प्रत्येक गोशाला में तीन हजार से ज्यादा गोवंश रखे जाएंगे। विभाग द्वारा प्रत्येक गोशाला बनाने में एक करोड़ बीस लाख रुपये खर्च किया जाएगा। इसके लिए बामौर ब्लॉक के गौंती, गुरसराय के गुढ़ा व धवारी एवं बंगरा के पठगुवां में जमीन का चिंह्निकरण कर लिया गया है। इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है, स्वीकृ ति मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
जनपद के लगभग 37 हजार अन्ना पशु इस समय 276 स्थायी और अस्थायी गोशालाओं में संरक्षित किए जा रहे हैं। ऐसे में पशुपालन विभाग द्वारा चार और नई वृहद गोशालाएं बनवाई जा रही हैं। इसमें पशुओं के लिए स्थायी भरण-पोषण की व्यवस्था होगी। इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश कुमार के मुताबिक शासन से मिले प्रस्ताव पर सर्वे कर जमीन चिंह्निकरण कर ली गई है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।