झांसी। सिटी बसों के परिचालक यात्रियों को बिना टिकट यात्रा कराकर राजस्व को हानि पहुंचा रहे हैं और अपनी जेब भर रहे हैं। विभाग द्वारा ऐसे ही 20 परिचालकों की सूची बनाई गई है, जिन पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन अधिकारियों का दावा है कि परिचालक सिटी बसों से होने वाली कमाई में लंबा हेरफेर कर रहे हैं। परिचालक बसों में कभी यात्रियों को टिकट न देकर पैसा जेब में रखने तो कभी स्टाफ पास के नाम पर कमाई कर रहे हैं। ऐसे ही दो माह में 20 मामले सामने आए हैं। जिनके खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
महानगर में यात्रियों को बेहतर सुविधा देने तथा प्रदूषण कम करने के लिए पिछले वर्ष दिसंबर 2021 में सिटी बसों का संचालन शुरू किया गया था। वर्तमान में 24 बसें चल रही हैं। हर दिन औसत 800 यात्री सफर करते हैं। इससे प्रतिदिन राजस्व 70 से 80 हजार रुपये प्राप्त होता है। सिटी बसों के परिचालक यात्रियों को टिकट न देने के साथ ही फैमिली यात्रा पास के नाम पर राजस्व को हानि पहुंचा रहे हैं।
परिवहन निगम के क्षेत्रीय सेवा प्रबंधक संतोष कुमार के मुताबिक जो भी परिचालक बिना टिकट यात्रा कराने पर पकड़े गए हैं। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अन्य परिचालकों पर भी नजर रखी जा रही है।