झांसी। रोडवेज बस स्टैंड कोछाभांवर में शिफ्ट करने के लिए जमीन निश्चित हो गई और किराया भी तय हो गया। लेकिन, नगर निगम और उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम के बीच किराया देने को लेकर पेच फंस गया है। नगर निगम का तर्क है कि जिस दिन से कांट्रैक्ट साइन होगा, उसी दिन से किराया शुरू हो जाएगा। जबकि, सड़क परिवहन निगम का मानना है कि जगह समतल नहीं है। पूरा क्षेत्र पहाड़ी है, उसे समतल करने में डेढ़ से दो साल लग जाएंगे। इसलिए, पहले दिन से किराया देना संभव नहीं है। मामला शासन में भेज दिया गया है।
स्मार्ट सिटी बनने के बाद रोडवेज बस स्टैंड को शहर से बाहर शिफ्ट किया जाना है। कोछाभांवर में पहाड़ी के ऊपर जगह चिह्नित की गई है। सात एकड़ जमीन चिह्नित करने के बाद नगर निगम और सड़क परिवहन निगम के बीच सहमति बन गई है। नगर निगम इस जमीन का किराया 14 लाख रुपये प्रति वर्ष लेगा। जमीन लीज पर दी जाएगी। जब कांट्रैक्ट साइन करने की बात आई तो नगर निगम ने कहा कि किराया उसी दिन से शुरू हो जाएगा, जिस दिन कांट्रैक्ट साइन होगा। इस पर सड़क परिवहन निगम ने तर्क दिया कि पूरा क्षेत्र पहाड़ी है, जमीन समतल करने को पहाड़ी खोदी जाएगी, जिसमें डेढ़ से दो साल लग जाएंगे। तब तक रोडवेज जमीन का कोई उपयोग नहीं कर पाएगा। ऐसे में पहले दिन से किराया देना संभव नहीं है। लेकिन, दोनों पक्षों के बीच बात नहीं बन पाई।
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इलेक्ट्रिक बसों का चार्जिंग प्वाइंट बनेगा
कोछाभांवर में रोडवेज बस स्टैंड की जगह पर ही इलेक्ट्रिक बसों का चार्जिंग प्वाइंट बनाया जाएगा। ताकि, जाने वाले समय में इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज करने की असुविधा न हो।
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मामले को शासन स्तर पर भेज दिया गया है। वहां जो भी निर्णय होगा, मान लिया जाएगा।
- रामलवट
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक,
उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम