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Jhansi News: फंगल इंफेक्शन से झड़ जा रहे बच्चों के बाल

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अमर उजाला ब्यूरो



झांसी। फंगल इंफेक्शन की वजह से बच्चों के बाल झड़ जा रहे हैं। स्थिति ये है कि समय पर इलाज न कराने पर जिन बच्चों के सिर पर घाव होने के बाद मवाद आने पर उस हिस्से के बाल स्थायी रूप से झड़ जाते हैं। फिर हेयर ट्रांसप्लांट कराने का ही विकल्प बचता है।

इन दिनों त्वचा रोग विभाग की ओपीडी में फंगल सर्वाधिक मरीज फंगल इंफेक्शन के ही दिखाने आ रहे हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतीक शिवहरे का कहना है कि गर्मी में पसीना ज्यादा निकलने से फंगस पनपता है। फंगल संक्रमण होने पर शुरुआत में मरीज को लाल रंग के चकत्ते होने लगते हैं। फिर तेज खुजली होने लगती है। वहीं, दो से 12 साल तक के कई बच्चों को फंगल इंफेक्शन होने के बाद इलाज में देरी की वजह से बाल झड़ने की समस्या हो जाती है।
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खासकर ग्रामीण क्षेत्र में कई लोग बच्चे का विशेषज्ञ से इलाज न कराकर केमिस्ट से दवा लेकर देने लगते हैं। कई लोग बच्चों को खुजली से घाव हो जाने पर एंटी बायोटिक दवा देने लगते हैं। जबकि, इसमें एंटी फंगल दवा देनी पड़ती है। जब घाव के बाद मवाद आना शुरू हो जाता है तो बाल स्थायी रूप से झड़ जाते हैं। मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज श्रीवास्तव का कहना है कि इन दिनों ओपीडी में 80 फीसदी मरीज फंगल इंफेक्शन के ही इलाज करवाने के लिए आ रहे हैं। खासकर 12 साल से छोटे बच्चों में फंगल इंफेक्शन के बाद बाल झड़ जाने की समस्या भी देखने को मिलती है। अगर अस्थायी तौर पर बाल झड़ जाते हैं तो दो से तीन महीने बाद आ जाते हैं। बच्चों को खासकर फंगल इंफेक्शन परिजनों से फैलता है। ऐसे में परिवार में किसी व्यक्ति को ये समस्या हो तो बच्चों के संपर्क में न आएं।

इन बातों का रखें ध्यान

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- गर्मी में सूती और ढीले कपड़े पहनें।

- कभी भी गीले कपड़े न पहनें।



- रोज नहाएं। नमी को पूरी तरह पोछें।

- मरीज की इस्तेमाल की हुई तौलिया आदि का इस्तेमाल न करें।
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