झांसी। झांसी–मानिकपुर दोहरीकरण परियोजना के तहत मऊरानीपुर–रोरा नव दोहरीकृत व विद्युतीकृत रेलखंड का उत्तर मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर जेसीएस बोरा ने सोमवार को निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर ने 25 केवी एसी विद्युताकर्षण प्रणाली, ओवरहेड उपकरण (ओएचई), ट्रैक्शन सबस्टेशन से संबंधित व्यवस्थाओं, विद्युत सुरक्षा मानकों तथा परिचालन तैयारियों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने रेलखंड पर स्थापित विद्युत अवसंरचना की गुणवत्ता, अनुरक्षण व्यवस्था तथा संरक्षा मानकों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने ओएचई वायर, मस्ट इंसुलेटर, फाउंडेशन, सेक्शनिंग व्यवस्था व अन्य विद्युत परिसंपत्तियों का निरीक्षण कर उनकी कार्यक्षमता और विश्वसनीयता का आकलन किया। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक (इंफ्रा) पीपी शर्मा, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर/ टीआरडी सतबीर सिंह, पूर्व आयुष श्रीवास्तव सहित निर्माण संगठन के अधिकारी, तकनीकी कर्मचारी, निरीक्षक एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।
28 से 30 तक यह ट्रेनें रहेंगी निरस्त
मऊरानीपुर-रोरा के बीच रेल लाइन दोहरीकरण के साथ ही नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य प्रस्तावित है। यही कारण है कि आज और कल झांसी-बांदा-प्रयागराज-झांसी के बीच छह ट्रेन निरस्त रहेगी जबकि उदयपुर इंटरसिटी को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। इनमें ग्वालियर-प्रयागराज आज और कल निरस्त रहेगी। जबकि प्रयागराज ग्वालियर 29 और 30 जुलाई को निरस्त रहेगी। वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-बांदा-वीरांगना लक्ष्मीबाई मेमू आज और कल निरस्त रहेगी। वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-मानिकपुर मेमू 29 जुलाई को और मानिकपुर-वीरांगना लक्ष्मीबाई मेमू 30 जुलाई को निरस्त रहेगी। ट्रेनों के निरस्त होने से यात्रियों को समस्या का सामना करना होगा। अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए उन्हें 28 से 30 जुलाई तक अन्य विकल्प चुनना होेगा।