विकास भवन में आयोजित चेकडैम निर्माण कार्यशाला एवं तकनीकी समन्वय समिति की बैठक में मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने कहा कि झांसी के 53 गांव, जालौन के 25 और ललितपुर के 50 गांव सर्वाधिक पानी की समस्या से प्रभावित हैं। जल संरक्षण ज्यादा प्रभावी हो, इसके लिए चेकडैम दुरुस्त कराएं और उसकी सिल्ट को मनरेगा से साफ कराएं।
उन्होंने लघु सिंचाई विभाग को मनरेगा के अंतर्गत चेकडैम बनाने तथा उन्हें दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। जल संकट से प्रभावित गांवों में ऐसे चेकडैम बनाए जाएं, जिसमें ज्यादा से ज्यादा पानी का संरक्षण किया जा सके। जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान ने चिह्नित गांवों का सर्वे तीन दिन में करने के निर्देश दिए, ताकि कार्ययोजना बनाई जा सके। लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीपी वर्मा ने कहा कि जहां चेकडैम बनाया जाए, वहां की मिट्टी की जांच जरूर कर ली जाए और उसी के अनुसार काम कराया जाए।
सेंट्रल सोशल एंड वाटर कंजरवेशन रिसर्च सेंटर दतिया से आईं ट्रेनर मोनालिसा ने बताया कि खेत-तालाब योजना की सफलता तभी है, जब उसका डिजाइन व साइड सिलेक्शन सही हो। महेश चंद्र बधानी ने चेकडैम निर्माण की जानकारी दी। इस मौके पर प्रभारी सीडीओ जीपी गौतम, डीएफओ एमके शुक्ला, डीसी मनरेगा आरके लोधी समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।