झांसी। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास (शहरी) के नाम पर ठगी करने का नया तरीका निकाल लिया है। योजना में आवेदन करने वालों को फोन कर जल्द मंजूरी कराने के एवज में उनसे खातों में रुपयों को स्थानांतरित कराने की मांग की जा रही है। फोन करने वाला व्यक्ति अपने को विभाग का एक बड़े अधिकारी का खासमखास बता रहा है।
योजना के तहत लाभार्थी को मकान का निर्माण कराने के लिए ढाई लाख रुपये का अनुदान दिया जाता है। योजना के संचालन की जिम्मेदारी नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) को दी गई है। योजना के तहत डूडा के माध्यम से आवेदनों को भरवाया गया है। योजना में आवेदन करने वालों के सत्यापन का जिम्मा एक निजी एजेंसी को दिया गया है। एजेंसी के सत्यापन के बाद ही लाभार्थी को पात्रता की सूची में दर्ज किया जाता है। लेकिन अब आवेदन करने वालों लोगों के पास फोन के माध्यम से आवेदनों की स्वीकृति के लिए रुपयों की मांग की जा रही है। इस संबंध में नगरीय विकास अभिकरण की जिला परियोजना अधिकारी संगीता सिंह ने बताया कि योजना पूरी तरह से निशुल्क है। किसी भी तरह का कोई भुगतान नही किया जाता है। शिकायत मिलने पर तुरंत ही एफआईआर दर्ज करायी जाएगी।
केस नंबर एक
भट्टा गांव निवासी मालती देवी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया था। कर्मचारियों द्वारा सर्वे भी किया जा चुका है। लेकिन स्वीकृति कराने के नाम पर फोन कर दस हजार रुपयों की मांग की जा रही है। फोन करने वाला व्यक्ति अपने को एक अधिकारी का खास बता रहा है।
केस नंबर दो
अलीगोल निवासी मोहम्मद फारुख के अनुसार प्लॉट पर मकान बनाने के लिए पीएम आवास योजना के तहत छह महीने पहले आवेदन किया था। जो अभी तक नहीं हो सका है। अब एक व्यक्ति द्वारा फोन कर जल्द ही अनुदान की स्वीकृति कराने के लिए पंद्रह हजार रुपये खाते में डालने को कहा जा रहा है।
केस नंबर तीन
प्रेम नगर निवासी अनीता सिंह ने बताया कि कच्चा मकान को पक्का निर्माण कराने के लिए डूडा में आवेदन किया था। डूडा के कर्मचारियों ने कुछ दिन इंतजार करने को कहा है। लेकिन अब एक अंजान व्यक्ति द्वारा फोन कर दस हजार की मांग की जा रही है। इसके लिए खाता नंबर भी दिया गया है।