झांसी। छठ पूजा महोत्सव के अंतर्गत बृहस्पतिवार को खरना हुआ। व्रत धारण किए सभी महिलाओं ने भगवान भास्कर और छठ माता की पूजा की। शाम को प्रसाद ग्रहण करने के बाद 36 घंटे का निर्जल व्रत शुरू हो गया। जो अब 21 नवंबर को उदित होते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद समाप्त होगा। वहीं, डूबते सूर्य को आज शुक्रवार को अर्घ्य दिया जाएगा।
बिहार - पूर्वांचल समाज के परिवारों में गुड़ से बनी खीर का प्रसाद अर्पित किया गया। श्रद्धालुओं ने देवताओं को अर्पित की जाने वाली खीर को मिट्टी के चूल्हे पर पकाया। खरना पूजन और हवन के बाद सभी व्रत धारियों के परिवारों ने प्रसाद ग्रहण किया। बिहार पूर्वांचल सांस्कृतिक कुटुंब के तत्वावधान में सभी श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। इस मौके पर मुख्य संयोजक शैलेश राय, मीना देवी, राजन कुमार सिंह, सुमन दास, नीतू सिंह, राम बाबू यादव, जीवन कुमार मधुकर, सरिता राय, सुमन दास आदि मौजूद रहीं।