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डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का चार्ज बढ़ेगा

Fri, 26 May 2017 02:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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डस्टबिन - फोटो : demo
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शहर की स्वच्छता को और बेहतर बनाने के लिए अब सभी साठ वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन किया जाएगा। बदले में लगने वाले यूजर चार्ज को तीस रुपये से बढ़ाकर पचास रुपये और इसके बाद सौ रुपये किया जाएगा। कचरा लेने आने वाले कर्मचारियों का समय सुबह सात बजे से आठ बजे तक रहेगा। जरूरत पड़ी तो वह दुबारा फेरी लगाकर कचरा उठाएंगे। इलाइट चौराहा पर लगे एलईडी डिस्प्ले बोर्ड पर स्वच्छता का प्रचार किया जाएगा। अभियान की शुरूआत पांच जून पर्यावरण दिवस पर होगी।
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अभी तक पचास वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन हो रहा है। लेकिन, अब तय किया गया है कि सभी साठ वार्डों का कचरा डोर-टू-डोर इकट्ठा किया जाएगा। कचरा सड़क पर न डाला जा सके, इसके लिए डोर-टू-डोर कलेक्शन कर रहीं एजेंसियों की जिम्मेदारी भी रहेगी। उन्हें देखना होगा कि उनके कर्मचारी सभी वार्डों में समय से जाएं। कचरा कलेक्शन कर्मचारियों का समय सुबह सात बजे से आठ बजे तक है। इस बात का कर्मचारी ध्यान रखेंगे कि समय पर कचरा कलेक्शन करने जाएं। यदि किन्हीं कारणों से सभी घरों से कचरा इकट्ठा नहीं हो पा रहा है तो दूसरा राउंड भी लगाएंगे।

पर्यावरण दिवस से शुरू होगा अभियान
विश्व पर्यावरण दिवस पर पांच जून को नगर निगम डस्टबिन बंटवाएगा। लोगों को जागरूक किया जाएगा कि सूखा और गीला कचरा अलग-अलग रखा जाए। शहर में स्वच्छता संबंधी होर्डिंग लगाए जाएंगे।
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हर घर का ब्यौरा होगा
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए हर घर का ब्यौरा तैयार होगा। इसमें देखा जाएगा कि कौन सा परिवार पैसा देने में आनाकानी करता है और कौन नियमित रूप से पैसा दे रहा है। जो लोग नियमित पैसा नहीं दे रहे होंगे, उनकी सूची तैयार होगी और उनके हाउस टैक्स के बिल में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का चार्ज जोड़ दिया जाएगा।

सड़क किनारे लगेेेंगे डस्टबिन
सड़क किनारे डस्टबिन लगाए जाएंगे, ताकि इधर - उधर कचरा फेंकने की प्रवृत्ति में बदलाव ला जा सके। इसके लिए प्रत्येक 20 से 25 मीटर पर डस्टबिन लगाए जाएंगे। कचरा कलेक्शन करने वाले कर्मचारियों के लिए ड्रेस पहनना अनिवार्य होगा। बिना ड्रेस के कर्मचारी नजर नहीं आएंगे। नगर निगम की कचरा उठाने वाली गाड़ियों का रंग बदला जाएगा। सूखा कचरा ले जाने वाली गाड़ी को नीले रंग और गीला कचरा ले जाने वाली गाड़ी को हरे रंग से रंगा जाएगा।

जानिए सूखा और गीला कचरा
अभी तक घरों में निकलने वाले सभी प्रकार के कचरा को इकट्ठा फेंक दिया जाता है, लेकिन अब सूखा और गीला कचरा अलग-अलग किया जाएगा। इसमें सूखा कचरा में पॉलिथीन, ब्लेड, साबुनदानी, कोई भी रैपर, या ऐसा कचरा जो नष्ट नहीं होता है। इसी तरह गीला कचरा में आटा, सब्जियां, खाने का कोई सामान, फूल आदि ऐसा सामान जो सड़ जाता है या खराब हो जाता है।

शहर बनाएंगे साफ -सुथरा
पर्यावरण दिवस से डस्टबिन बांटने का अभियान शुरू करेंगे। लोगों को जागरूक भी करेंगे कि सूखा और गीला कचरा अलग-अलग इकट्ठा करें। सफाई के प्रति लोगों में जागरूकता लाना भी जरूरी है, तभी हम शहर को साफ-सुथरा बना पाएंगे।
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- नगर आयुक्त, अरुण प्रकाश
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