झांसी में विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) आनंद प्रकाश तृतीय की अदालत ने चरस तस्करी का आरोप सिद्ध होने पर अभियुक्त को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। न्यायालय ने आठ साल पुराने मामले में फैसला सुनाया।
विशेष लोक अभियोजक दीपक तिवारी ने बताया कि तीन नवंबर 2014 की रात कोतवाली पुलिस की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दरम्यान पुलिस को झरना गेट के पास युवक जाता हुआ नजर आया। पुलिस को देखकर वह तेज कदमों से आगे बढ़ने लगा। इस पर पुलिस टीम ने उसे घेराबंदी कर दबोच लिया। तलाशी में उसके पास से एक किलो 50 ग्राम चरस बरामद की गई थी। पूछताछ में उसने अपना नाम मुहल्ला चंद्रशेखर आजाद निवासी कपिल अग्रवाल बताया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।
न्यायालय ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त कपिल अग्रवाल को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया, जिसकी अदायगी न करने पर अभियुक्त को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।