झांसी। अमर उजाला के नारी गरिमा के साझा संकल्प ‘अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत मंगलवार को ‘व्यक्तित्व विकास शिविर’ का आयोजन किया गया, जिसमें एक्सपर्ट ने छात्राओं को व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के टिप्स दिए। इस दौरान सभी ने शपथ पत्र भरकर नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ ली।
आर्य कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविर के दौरान व्यक्तित्व विकास शिविर का आयोजन हुआ, जिसमें समाजसेवी व पर्सनलिटी डेवलेपमेंट काउंसलर उपासना बब्बर ने कहा कि व्यक्तित्व के विकास के लिए संवाद बेहद जरूरी है। विभिन्न मसलों पर विद्यार्थियों को अपने साथियों से वार्तालाप करना चाहिए। इससे झिझक दूर होती है, साथ ही ज्ञान भी बढ़ता है। इसके अलावा लगातार अध्ययन करते रहना चाहिए, इससे ज्ञान में बढ़ोत्तरी होती है। हमेशा कुछ नया सीखने की कोशिश करते रहना चाहिए। देश -दुनिया में जो भी घट रहा है, उसकी आपको जानकारी होनी चाहिए। साथ ही ध्यान रहे कि अच्छे वक्ता के साथ -साथ अच्छा श्रोता भी होना जरूरी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डा. अंजू दत्त ने कहा कि अपराजिता शब्द अपने आप में बेहद प्रेरणास्पद है। छात्राएं अभी जीवन के शुरुआती दौर में हैं, उन्हें अनेकों पड़ाव पार करना हैं और कई चुनौतियों का सामना करना है। अपने व्यक्तित्व और अच्छी सोच के जरिये जीवन को आसान बनाया जा सकता है। इसके अलावा व्यक्तित्व विकास के लिए जरूरी है सकारात्मक सोच। इससे आपका व्यक्तित्व भी सकारात्मक होगा।
इस मौके पर राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई प्रथम की कार्यक्रम अधिकारी डा. शारदा सिंह और इकाई द्वितीय की प्रभारी डा. स्वाती भदौरिया ने कहा कि बालिकाओं को प्रेरित किया।
कई बार जानकारी होने के बाद भी बोल नहीं पाते हैं, ये व्यक्तित्व की कमी है। इसे दूर करना जरूरी है। शिविर में आत्मविश्वास बढ़ाने का काम किया गया है। भविष्य में इसका फायदा जरूर मिलेगा।
- रक्षा अग्रवाल
जीवन में सकारात्मक सोच होना बेहद जरूरी है। खुद के बारे में अच्छा सोचो और दूसरे के लिए प्रति भी अच्छी सोच रखो। सब अच्छा होगा और परिणाम भी सकारात्मक आएंगे।
- शिखा वर्मा
बढ़ने के लिए पढ़ना जरूरी है। पाठ्यक्रम की किताबों के साथ-साथ अच्छी पुस्तकें, लेख भी पढ़ते रहना चाहिए। इससे ज्ञान तो बढ़ता ही है, साथ ही बोलने और लिखने के लिए शब्दों का अच्छा संग्रह भी हो जाता है।
- मीनाक्षी सिंह
पहले अपना लक्ष्य निर्धारित करो और फिर उसी दिशा में आगे बढ़ो। लक्ष्य प्राप्ति के लिए जितना जुनून होना जरूरी है, उतना ही जरूरी है आपका प्रखर व्यक्तित्व। अच्छा व्यक्तित्व प्रगति की राह आसान करता है।
- साहिबा बानो