अमर उजाला ब्यूरो
एरच। देर-शाम करीब साढ़े छह बजे पोस्टमार्टम के बाद चारों शव परिजनों को सौंप दिए गए। परिजन शव लेकर सीधे गांव पहुंचे। शवों के गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। जिस घर में कुछ देर पहले मंगल गीत सुनाई पड़ रहे थे वहां से रोने-बिलखने की आवाज आने लगीं। एक घर से तीन अर्थियां उठती देख वहां मौजूद लोगों के भी कलेजे कांप उठे। देर-रात सभी के अंतिम संस्कार कर दिए गए। हादसे के बाद से गांव में मातम पसरा है। गांव के किसी घर में चूल्हा भी नहीं जला।
शुक्रवार रात ही आकाश की मां विमलेश और भाभी अर्चना ने उसके सिर पर सेहरा सजाकर उसे बहू लाने के लिए धूमधाम से विदा किया था। आकाश ने भी बड़ी बहन आरती और काजल से बहू की उतरवाई करने पर नेग देने का वादा किया था। इन्हीं सब तमाम रस्मों को पूरा करने की वजह से बरात निकलने में भी देर हो गई। बरात विदा होने के बाद दुल्हन के इंतजार में मंगल गीज गूंजने लगे। आधी रात बीत गई। आस-पड़ोस की कुछ महिलाएं घरों को चली गई, उसी बीच काजल ने फोन पर मां को हादसे के बारे में बताया। यह सुनते ही मां विमलेश चीखकर बेहोश हो गईं। हादसे की खबर लगते ही वहां मौजूद महिलाओं में भी कोहराम मच गया। महिलाओं में रोना-पिटना मच गया। मां विमलेश और पत्नी अर्चना की हालत शाम तक बिगड़ गई। परिवार की दूसरी महिलाएं किसी तरह उनको संभाल रहीं थीं। मां एवं आशीष की पत्नी अर्चना की हालत खराब देख परिजनों ने रात में ही शवों के अंतिम संस्कार कर दिए। पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।
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एसडीएम ने परिजनों का दिया मदद का भरोसा
घटना की सूचना मिलने के बाद एसडीएम श्वेता साहू भी परिजनों से मिलने उनके घर पहुंचीं और मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन मृतक के परिजनों की हर संभव मदद करेगा।