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Jhansi News: दूल्हा और उसका भाई मदद के लिए चिल्ला रहे थे...कोई कुछ कर नहीं पाया, चीखें खामोश हो गईं

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घटनास्थल पर मौजूद दूल्हे के जीजा और दूसरे लोगों के सामने ही कार आग का गोला बन चुकी थी
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कुछ देर बाद ही सभी बराती और घराती भी पहुंच गए थे घटनास्थल
नगेश शर्मा
झांसी। दूल्हा आकाश, उसका बड़ा भाई आशीष और चालक जयकरन मदद के लिए चिल्लाते रहे। कार से निकलने की कोशिश भी की लेकिन डीसीएम कार के पिछले हिस्से पर चढ़ी हुई थी जिससे न तो दरवाजा ही खुल पाया और न ही बाहर आने का कोई रास्ता मिला। घटनास्थल पर मौजूद दूल्हे के जीजा और उनके साथी ने कार के आग का गोला बनने से पहले अगली सीट पर बैठे रवि और रमेश को किसी तरह बाहर निकाल लिया लेकिन बाकी लोग इस तरह फंसे हुए थे कि उन्हें निकाला नहीं जा सका। यह लोग मदद के लिए चिल्लाते रहे मगर कोई कुछ कर नहीं पाया। कुछ ही देर में कार से आग की लपटें उठने लगीं और चीखें भी खामोश होती चलीं गईं।
दरअसल करके की बिलायटी गांव से आकाश की बरात कारों से ही रवाना हुई थी। सात कारें बरात में शामिल थीं। सभी रस्में पूरी करने के बाद दूल्हे आकाश की कार सबसे बाद में गांव से निकली थी। दूल्हे की कार के पीछे-पीछे उसके जीजा राहुल की कार चल रही थी। जब झांसी-कानपुर हाईवे पर पारीछा फ्लाई ओवर पर डीसीएम ने दूल्हे की कार में टक्कर मारी तब सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचने वालों में उसका जीजा राहुल ही था। क्योंकि उनकी कार पीछे ही चल रही थी। बकौल राहुल, टक्कर लगते ही सीएनजी किट से धुएं के साथ हल्की सी चिंगारी निकल रही थी। वह और उनका एक साथी मदद के लिए कार तक पहुंच गए। क्योंकि आगे की सीट वाला गेट ज्यादा क्षतिग्रस्त नहीं था लिहाजा यहां बैठे रवि और रमेश को निकाल लिया गया था लेकिन चालक जयकरन की साइड वाला दरवाजा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था जिससे वह इस तरह से फंसा कि हिल भी नहीं पा रहा था। वहीं पीछे बैठे आकाश, उसका बड़ा भाई आशीष और आशीष का चार साल का बेटा मयंक भी बुरी तरह से फंसे हुए थे। इससे पहले कि वह कुछ कर पाते कार से लपटें उठने लगीं। कोई भी कार के पास तक जा नहीं पा रहा था। तत्काल ही पुलिस और फायर ब्रिगेड को फोन भी कर दिया गया था। लेकिन मदद मिलने से पहले ही इन सभी की मौत हो चुकी थी। मदद के लिए सभी चिल्ला भी रहे थे लेकिन कोई कुछ कर नहीं पा रहा था। घटना की जानकारी 12 किलोमीटर दूर गांव छपरा में चल रहे शादी समारोह स्थल तक पहुंचाई गई। इस पर छपरा से तत्काल बराती और घराती भी मौके पर पहुंच गए। बताया कि आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कार से 50 मीटर दूर तक ही लोग खड़े हो पा रहे थे।
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आग में दो लाख के नगदी-जेवर हुए राख
दूल्हा आकाश की कार में दो लाख रुपये के नकदी और जेवर भी थे। आकाश के रिश्तेदारों ने बताया कि शादी में चढ़ाने के लिए जेवर भी दूल्हे की कार में ही था, इसके अलावा नगदी भी थी। कार में लगी आग को शांत करने के बाद जब कार की तलाशी ली गई तो उसमें दूल्हे का जला हुआ पर्स मिला है, जिसमें जले हुए 500 के कुछ नोट मिले हैं।
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