झांसी। निम्न व मध्यम आर्य वर्ग के अपने घर के सपने को हकीकत में बदलने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ अब क्रियान्वयन के लिए तैयार है। इसमें गृह ऋण के ब्याज में भारी सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। योजना को अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी सर्व यूपी ग्रामीण बैंक को सौंपी गई है।
अपना घर, हर किसी का सपना होता है। लेकिन, इस सपने को हकीकत में बदलना हर किसी के लिए आसान नहीं होता है। पहले तो जमीन के दाम ही आसमान पर हैं, जैसे-तैसे जमीन खरीद भी लेते हैं, तो मकान बनाने का खर्च झेल पाना निम्न व मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है। ऐसे में उन्हें बैंकों का सहारा लेना पड़ता है। बैंक से लिए जाने वाले होम लोन पर उन्हें 9.5 से 10.5 फीसदी तक ब्याज अदा करना पड़ जाता है।
लेकिन, अब इस सपने को आसानी से साकार करने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत की है। वैसे तो यह योजना औपचारिक रूप से जून 2015 में लागू की गई थी, परंतु क्रियान्वयन अब शुरू किया गया है। इस योजना के तहत ब्याज में 6.5 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है। यानी कि होम लोन पर बैंक यदि 9.5 फीसदी ब्याज लेता है, तो इसका 6.5 फीसदी सरकार अदा करेगी। केवल तीन फीसदी ब्याज ही ऋणधारक को देना होगा।
‘ऋण के लिए बैंक की झांसी-ललितपुर की किसी भी ब्रांच से संपर्क किया जा सकता है। इसके लिए फार्म बैंक में ही नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें प्रोसेसिंग फीस भी नहीं रखी गई है। साथ ही कागजी औपचारिकताएं भी बेहद कम हैं।’
- डीके कथूरिया, क्षेत्रीय प्रबंधक-सर्व यूपी ग्रामीण बैंक
30 लाख तक का मिलेगा ऋण
झांसी। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 30 लाख तक का ऋण दिया जाएगा। तीन लाख रुपये सालाना आमदनी वाले 30 वर्गमीटर कार्पेट एरिया के लिए ऋण ले सकेंगे। जबकि, छह लाख रुपये तक की वार्षिक आमदनी वालों को 60 वर्गमीटर कार्पेट एरिया के लिए ऋण दिया जाएगा।
केवल बेघरों को ही मिलेगा लाभ
झांसी। इस योजना का लाभ केवल उन्हीं को मिलेगा, जिनका अपना घर नहीं है। योजना में स्पष्ट किया गया है कि पति-पत्नी व बच्चों में से किसी के पास खुद का मकान नहीं होना चाहिए। महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
इन निकाय क्षेत्रों के लिए मिलेगा ऋण
झांसी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नगर निकायों में आवास निर्माण के लिए ही ऋण दिया जाएगा। झांसी में समथर, मोंठ, चिरगांव, एरच, गुरसरांय, गरौठा, मऊरानीपुर, रानीपुर, बरुआसागर, बड़ागांव, झांसी नगर निगम क्षेत्र, झांसी व बबीना कैंट क्षेत्र तथा झांसी रेलवे सेटेलमेंट एरिया को इसमें शामिल किया गया है। जबकि, ललितपुर जिले में तालबेहट, पाली, महरौनी व ललितपुर नगर पालिका परिषद क्षेत्र को योजना के दायरे में लिया गया है।