स्वच्छता में प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल करने के बाद अब नगर निगम ने पहले पायदान पर पहुंचने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत कचरा प्रबंधन प्रणाली को और मजबूत बनाने तथा खुले में शौच की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने पर काम किया जाएगा। साथ ही शहर के लोगों को भी जागरूक किया जाएगा, ताकि उनका भरपूर सहयोग मिले। नंबर-वन पर पहुंचने के लिए कई चुनौतियां भी हैं।
दरअसल शहर में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर ही थी। हां, स्वच्छता सर्वे के दौरान नगर निगम ने कुछ मशक्कत कर इसे यूपी में तीसरा स्थान दिला दिया। पर यह नहीं भूलना चाहिये किए देश में झांसी अभी भी 166 वें स्थान पर है। अब यदि नंबर-वन बनना है तो चुनौतियों से जूझना होगा। दरअसल झांसी में औद्योगिक क्षेत्र विकसित नहीं हैं। इस कारण यहां बाहर से उस बड़ी संख्या में नहीं आए, जहां कानपुर सहित अन्य औद्योगिक शहरों में पहुंचे। यही कारण है कि झांसी में न तो ज्यादा बस्तियां विकसित हो सकीं और न ही तेजी से विस्तार हुआ। अब औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के दौरान यह ध्यान रखना होगा कि बस्तियां नियोजित तरीके से बसाई जाएं। प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का ध्यान रखा जाए। साथ ही कचरा निस्तारण के पुख्ता इंतजाम भी हों।
ये रहा नगर निगम प्लान
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मजबूत होगी कचरा प्रबंधन प्रणाली
वर्तमान में नगर के साठ में से पचास वार्डों में डोर टू डोर कचरा एकत्र किया जाता है। लेकिन, अब यह व्यवस्था सभी वार्डों में लागू की जाएगी। इसके अलावा कचरा दो अलग - अलग गाड़ियों में लिया जाएगा। गीला कचरा एकत्र करने के लिए हरी गाड़ी होगी, जबकि सूखा कचरा लाल गाड़ी में लिया जाएगा। कचरा लेने के लिए वार्डों में एक साथ दोनों गाड़ियां पहुंचेंगी और लोगों को अपने घरों से दोनों गाड़ियों के लिए अलग - अलग कचरा छांट कर लाना होगा। गीला कचरे (खाद्य पदार्थों के अवशेष) से खाद्य बनाई जाएगी, जबकि सूखे कचरे (प्लास्टिक, कांच, पॉलीथिन) को रीसाइकिल कर उपयोग में लाया जाएगा।
खुले में शौच की प्रवृत्ति पर लगेगा अंकुश
घर में शौचालय बनाने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनके तहत अनुदान भी दिया जा रहा है। इसके अलावा विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। इसके अलावा सार्वजनिक शौचालय भी बनाए गए हैं। बावजूद, अब भी खुले में शौच की प्रवृत्ति पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लग पाया है। स्वच्छता में पहले स्थान पर पहुंचने के लिए अब नगर निगम की शौचालय के ढांचे को मजबूत करने की भी योजना है। इसके तहत अभियान चलाकर वह घर चिह्नित किए जाएंगे, जिनमें शौचालय नहीं हैं। इन घरों में शौचालय बनाए जाएंगे। इसके अलावा सार्वजनिक शौचालयों का जाल भी बिछाया जाएगा।
ये हैं चुनौतियां
- शहर के ज्यादातर पुराने कुओं में कचरा डाला जा रहा है। इन्हें साफ कर ढंकना होगा।
- बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर डस्टबिन की व्यवस्था करनी होगी।
- कचरा ढोने वाली खुली गाड़ियां गंदगी फैलाती हैं। बंद गाड़ियों में कचरा ढोना होगा।
- नाले और नालियों की नियमित सफाई के लिए अलग से टीम बनानी होगी।
- पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाना जरूरी है, ये नाले - नालियां जाम करती हैं।
- नाले - नालियों के ऊपर से अतिक्रमण हटाना होगा।
- सफाई के आधुनिक तौर तरीकों को बढ़ावा देना होगा।
- पर्याप्त सफाई कर्मचारी और सुपरवाइजर होना जरूरी।
- कचरा फैलने पर नियमानुसार जुर्माना का प्राविधान जरूरी।
अब लक्ष्य नंबर-वन पर
सफाई में प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल करने से मनोबल ऊंचा हुआ है। अब पहले पायदान पर पहुंचना लक्ष्य है। यह बगैर जन सहभागिता के नहीं हो पाएगा। लोगों को जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। खासतौर पर उन क्षेत्रों में जिनमें अभी स्वच्छता का अभाव है। इसके अलावा नगर निगम का सफाई तंत्र और भी मजबूत किया जाएगा।
- किरण वर्मा, महापौर
प्लान तैयार कर लिया है
वह कौन से कारण हैं, जिनकी वजह से झांसी पहले और दूसरे पायदान पर नहीं आ पाया, इसका आंकलन कर लिया गया है। इन कमियों को दूर किया जाएगा। इसके लिए प्लान तैयार कर लिया गया है। खासतौर पर डोर टू डोर कचरा प्रबंधन प्रणाली और खुले में शौच की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने पर फोकस रहेगा। इस दिशा में जल्द ही कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।
- अरुण प्रकाश, नगर आयुक्त
महानगर के जागरूक नागरिकों को बधाई
झांसी। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा किए सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश का सबसे स्वच्छ शहर झांसी महानगर को चुनने पर जिला जन कल्याण महासमिति झांसी ने सभी जागरूक नागरिकों को बधाई दी और नगर आयुक्त अरुण प्रकाश, महापौर किरन वर्मा का अभिनंदन किया। इस मौके पर नगर आयुक्त व महापौर ने कहा कि सम्मान की असली हकदार महानगर की आम जनता है, जिसने स्वच्छता का पालन किया। इस अवसर पर महासमिति की केंद्रीय अध्यक्ष जितेंद्र कुमार तिवारी, अपर नगर आयुक्त रोहन सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. राकेश बाबू गौतम, खाद्य निरीक्षक रवि निरंजन, सुरजीत सिंह खनूजा, अनिल पाठक आदि मौजूद रहे।