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सीबीआई टीम ने झांसी जेल में घंटों की पड़ताल

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जिला कारागार
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झांसी। पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की वर्ष 2018 में नौ जुलाई को बागपत जेल में हुई हत्या के मामले में जांच करने के लिए बृहस्पतिवार को सीबीआई टीम झांसी जेल पहुंची। टीम ने जेल में अफसरों से पूछताछ करने के साथ ही बंदियों से भी कई जानकारियां खंगाली हैं। देर शाम सीबीआई टीम मामले की जांच में जुटी रही।
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बड़ौत के पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित व उनके भाई नारायण दीक्षित से रंगदारी मांगने के मामले में झांसी जिला जेल में बंद रहे माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी को बी-वारंट पर अदालत में पेश करने के लिए 8 जुलाई 2018 को पुलिस बागपत लेकर गई थी। 9 जुलाई की सुबह बागपत जेल में ही बजरंगी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद पूरे प्रदेश की जेलों में हड़कंप मच गया था। आनन-फानन में मामले की जांच बैठा दी गई थी। पत्नी सीमा सिंह की अर्जी पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 25 फरवरी को केस की सीबीआई जांच के आदेश दे दिए थे।
पूर्वांचल के माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या के मामले में सीबीआई ने जांच तेज कर दी थी। बृहस्पतिवार को सीबीआई की टीम ने झांसी जेल पहुंचकर जेल अधिकारियों से पूछताछ की। टीम ने बंदियों से भी जानकारी जुटाई, जिस बैरक में मुन्ना बजरंगी बंद था, वहां भी पहुंचकर जानकारी ली। टीम ने 8 जुलाई 2018 से लेकर आसपास की तारीखों के मुलाकाती रजिस्टर कब्जे में लेकर पड़ताल की।
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आठ महीने झांसी जेल में रहा मुन्ना बजरंगी
झांसी। झांसी जेल में मुन्ना बजरंगी आठ महीने रहा था। टीम ने उसके साथ बैरक में रहने वाले बंदियों से पूछताछ की। साथ ही जेल का मुलाकाती रजिस्टर भी घंटों खंगाला। कई नाम ऐसे मिले जो बार-बार मुन्ना बजरंगी से मुलाकात करने के लिए आते थे। उन लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है। कई मुलाकाती पुलिस रडार पर आ गए हैं।
कई वाहन पुलिस ने किए थे सीज
मुन्ना बजरंगी के जेल में रहने के दौरान पूर्वांचल से लेकर कई जिले के लोगों का मिलना जुलना रहता था। इस बीच पुलिस ने कई बार जेल के बाहर छापा मारकर कई वाहनों को सीज किए थे। साथ ही मौके से मिले लोगों से पूछताछ भी हुई थी।
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