फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीयू के 14 प्रोफेशनल कोर्सों में सीबीसीएस

Tue, 25 Jul 2017 12:28 AM IST
amarujala
विज्ञापन
bu jhansi news - फोटो : demo
विज्ञापन
झांसी। 
विज्ञापन

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के 14 प्रोफेशनल कोर्सों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू कर दिया गया है। विद्या परिषद की बैठक में इसको हरी झंडी मिल गई। सीबीसीएस में अब छात्र-छात्राओं को अंक नहीं ग्रेड मिलेगा। 
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने जनवरी 2015 में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सीबीसीएस लागू करने के निर्देश दिए थे। इस पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने कैंपस में सीबीसीएस की शुरूआत के लिए कोर्सों का पुनर्गठन किया। फिर बोर्ड ऑफ स्टडीज के विषय विशेषज्ञों और आंतरिक कमेटी द्वारा कोर्सों का प्रारूप तैयार किया गया। सोमवार को बीयू की विद्या परिषद ने सीबीसीएस को मंजूरी दे दी। हालांकि, शुरूआती दौर में बीयू कैंपस के आईटीएचएम विभाग के तीन, इकोनॉमिक विभाग के एमबीएफएम, एमबीए, बीटेक, एमसीए समेत 14 कोर्सों में सीबीसीएस लागू किया गया है। सीबीसीएस पैटर्न लागू होने के बाद अब विद्यार्थियों को प्रतिशत अंक नहीं दिया जाएगा। बल्कि, सीबीएसई दसवीं की परीक्षा की तरह ग्रेड मिलेगा। 
विज्ञापन


क्या है सीबीसीएस
सीबीसीएस छात्र केंद्रित प्रोग्राम है। सीबीसीएस के तहत विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार विषय की पढ़ाई कर सकते हैं। उन्हें पसंद का विषय कांबिनेशन चुनने का मौका मिलेगा। फाउंडेशन कोर्स में विद्यार्थियों को अंग्रेजी भाषा, वैल्यू एजूकेशन व पर्सनैलिटी डेवलपमेंट की भी शिक्षा दी जाएगी। साथ ही शिक्षण संस्थान बदलने की भी सुविधा मिलेगी। 

एक क्लास पर एक प्वाइंट
सीबीसीएस के तहत विद्यार्थियों की ओवरऑल रैंकिंग हो सकेगी। एक घंटे की क्लास अटेंड करने पर छात्रों को एक प्वाइंट हासिल होगा। सोच ये है कि इससे विद्यार्थी क्लास में रुचि लेंगे। साथ ही शिक्षा का स्तर बढ़ेगा। 
विज्ञापन


श्रेष्ठ विभाग को एक लाख 
विद्या परिषद की बैठक में कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने बीयू कैंपस में संचालित कोर्सों में हर साल श्रेष्ठ आने वाले विभाग को एक लाख रुपये देने की घोषणा की। यह पैसा रिसर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर आदि पर खर्च किया जा सकेगा। श्रेष्ठता के चयन छात्रों के प्रवेश, शोध, पढ़ाई का स्तर, साफ-सफाई आदि मानकों के आधार पर होगा। चूंकि, बीयू के शिक्षक कमेटियों, प्रैक्टिकल, कॉलेज के निरीक्षण के साथ-साथ अधिक से अधिक गैर शैक्षणिक कार्यों में ज्यादा दिलचस्पी लेते हैं। ऐसे में मगर बड़ा सवाल यह है कि कुलपति के पुरस्कार की घोषणा के बाद अब क्या शिक्षक विभाग को श्रेष्ठ बनने के लिए प्रयास करेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें