विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को अनुदान का कैशलेस भुगतान करने का सुझाव दिया है। यूजीसी ने अनुदान का पैसे, स्कॉलरशिप, फेलोशिप को सीधे लाभार्थी के एकाउंट में भेजने को कहा है। बहुत जरूरत पड़ने पर ही कैश या ड्राफ्ट के जरिए भुगतान की छूट दी है।
सभी फेलोशिप, स्कॉलरशिप भेजने के लिए यूजीसी पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएसएस) का भी उपयोग करती है। अब अनुदान और लेनदेन के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने अपने यहां पर भी कैशलेस सिस्टम को ही अपना लिया है। यूजीसी के अनुसार कैशलेस भुगतान से काफी फायदा हो रहा है। हितधारक और कर्मचारियों के बीच भुगतान को लेकर आमना-सामना अब काफी कम हो गया है। पारदर्शिता और बाधा युक्त अनुदान हस्तांतरण के लिए यूजीसी ने पीएफएसएस के जरिए यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को उनके शोधार्थी, स्कॉलर को कैशलेस भुगतान को कहा है। यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को पत्र लिखकर अनुदान को बैंक से बैंक, क्रेडिट अथवा डेबिट कार्ड के जरिए भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। विशेष परिस्थितियों में ही ड्राफ्ट अथवा कैश भेजने की छूट है।