प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कटेरा में इलाज न मिलने से सर्पदंश पीड़ित पूनम की मौत होने पर परिजनों ने डॉक्टर की लापरवाही पर गंभीर आरोप लगाए थे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी झांसी शिशिर पुरी ने कटेरा पहुंचकर मामले की जांच की और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
16 सितंबर को तड़के करीब एक बजे गढ़ीपुरा निवासी पूनम को सर्प ने डसा था। सुबह 8:20 बजे परिजन उन्हें कटेरा पीएचसी ले गए, पर वहां केवल चौकीदार गोविंद मौजूद थे। चिकित्सक और स्टाफ नर्स सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित थे। इलाज न मिलने पर परिजन महिला को 8:55 बजे बंगरा स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां डॉक्टरों ने पूनम को मृत घोषित कर दिया। सीएमओ की जांच में पता चला कि सर्पदंश के इलाज के लिए एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध था। लेकिन डॉक्टर करीब 8:55 बजे केंद्र पर पहुंचे, जिससे इलाज में देरी हुई। सीएमओ ने स्टाफ के समय पर ओपीडी में न आने को बर्दाश्त न करने की बात कही।
सीएमओ ने लापरवाह डॉक्टर पर सख्त विभागीय कार्रवाई और अन्य कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। अनुपस्थित स्टाफ और देर से आने वाले डॉक्टर का एक दिन का वेतन रोका गया है। उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए एक समिति गठित की गई है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बंगरा केके राजपूत को प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और वीडियो कॉल से स्टाफ की उपस्थिति प्रमाणित करने को कहा गया है। वहीं, सीएचसी बंगरा के निरीक्षण में भी 2 कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जिन पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
पीएचसी में सीएमओ शिशिर पुरी...