बाजार में बिक रहे चूरन नोटों ने लोगों को भ्रमित कर दिया है। नए दो हजार और पांच सौ रुपये के नोट की तरह दिखने वाले इन नोटों ने कारोबारियों को असमंजस में डाल दिया है। हालांकि इन नोटों में वैध मुद्रा का कोई भी सिक्योरिटी फीचर नहीं है, लेकिन इनका रंग, आकार और सजावट किसी को भी धोखा देने के लिए काफी हैं।
बाजार में इस समय दो हजार और पांच सौ रुपये के नए नोटों से मिलते-जुलते नोट बिक रहे हैं। कई कारोबारी इन नोटों से धोखे में आ चुके हैं। लोगों को नए नोटों के सिक्योरिटी फीचर की जानकारी न होने से वह सतर्क होकर इन नोटों की पड़ताल करने में लगे हैं। छावनी परिषद व्यापार मंडल के महामंत्री विजय गुुप्ता ने बताया कि यह नोट बाजार में खुलेआम बिक रहे हैं। मनोरंजन बैंक के नाम से जारी यह नोट देखने में असली नोट जैसे ही लगते हैं। इन नोटों पर महात्मा गांधी की फोटो और पिछले हिस्से की ओर लाल किला और मंगलयान की तस्वीर भी बनी है। साइज भी असली नोटों जैसा है। प्रशासन को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।
पता चला तो नुकसान से बचा
एक दिन एक लड़के ने चालीस रुपये का सामान खरीदा और चूरन वाला पांच सौ का नोट देने लगा। अचानक पता चला कि उसमें मनोरंजन बैंक लिखा है। जब उससे कहा तो कहने लगा कि मजाक कर रहा हूं। न जान पाता तो नुकसान हो जाता।
- राजेश कुशवाहा, फुटकर विक्रेता
40 रुपये में नोटों की गड्डी
इन नोटों की पूरी गड्डी बाजार में 40 रुपये में मिल रही है। कई बार हमारी दुकानों पर भीड़ इतनी अधिक होती है कि नोट देखने का मौका नहीं मिलता। ऐसे मौके का फायदा उठाकर ही जालसाज दुकानदारों को ठगने का काम कर रहे हैं।
- दिलीप सहगल, किराना व्यापारी, बड़ा बाजार
मान्य नकदी का अपमान है
प्रशासन को इन पर रोक लगानी चाहिए। महात्मा गांधी की फोटो चूरन नोटों पर लगाना मान्य नोटों का अपमान है। पहले भी चूरन के नोट आते थे, लेकिन अब हूबहू एक जैसे ही आ रहे हैं। जहां इनकी छपाई हो रही है वह नकली नोट भी छाप सकते हैं।
- पंकज साहनी, इलेक्ट्रानिक्स विक्रेता
मजाक के बहाने खपाने का इंतजाम
रात के समय ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है। भीड़भाड़ में इन नोटों को चलाने के लिए लोग सक्रिय रहते हैं। ध्यान से नहीं देखा तो कोई भी भ्रमित हो सकता है। मेरे पास कई लोग मजाक करने के बहाने यह नोट लेकर आ चुके हैं।
- किशन साहू, गारमेंट्स विक्रेता, सीपरी बाजार
ये भारतीय मुद्रा का अपमान
एक ही रंग और डिजाइन के नोट निकालना भारतीय मुद्रा का अपमान है। प्रशासन को इस पर लगाम लगानी चाहिए। हालांकि इन नोटों पर स्पष्ट रूप से मनोरंजन बैंक लिखा है और गवर्नर के हस्ताक्षर भी नहीं हैं। इस कारण इनको नकली नहीं कहा जा सकता है। यह सिर्फ मनोरंजन का माध्यम है।
- आरआर प्रसाद, मुख्य प्रबंधक, एसबीआई मुख्य शाखा