झांसी। कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे की वजह से लोग बस व ट्रेन जैसे सार्वजनिक परिवहन के साधनों में यात्रा करने से कतरा रहे हैं। लोगों की इस मनोवृत्ति का असर चौपहिया वाहनों के कारोबार पर दिखा है। जी हां, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जिले में महज 15 दिन के भीतर ही दो सौ कार की बिक्री हो गई है और 600 की बुकिंग हो गई है। इसमें सबसे ज्यादा मांग छोटी कारों की है।
बस व ट्रेनों का संचालन शुरू तो गया है, लेकिन सवारियों की संख्या सीमित बनी हुई है। बस, ट्रेन जैसे सार्वजनिक परिवहन के साधनों की जगह लोग स्वयं के वाहन से यात्रा करने को तरजीह दे रहे हैं। सार्वजनिक परिवहन के साधनों में लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा सता रहा है। यही वजह है कि चौपहिया वाहनों की बिक्री में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि लॉकडाउन के बाद 19 मई से झांसी में कार शोरूम का संचालन शुरू हुआ था, साप्ताहिक अवकाश को छोड़कर पंद्रह दिन के दरम्यान जिले में दो सौ कार की बिक्री हो गई है। इतना ही नहीं, लगभग छह सौ चौपहिया वाहन बुक कर लिए गए हैं। कंपनियों से आपूर्ति के सापेक्ष मांग अधिक होने की वजह से कई कारों के लिए तो ग्राहकों को इंतजार तक करना पड़ रहा है। जबकि, कोरोना वायरस के संक्रमणकाल की शुरुआत में कार व्यवसायियों को व्यवसाय रसातल में जाने का खतरा मंडरा रहा था। लेकिन, अचानक मांग में आई तेजी से उन्हें नई कारोबारी संभावनाएं नजर आने लगी हैं।
उम्मीद से कहीं अधिक बेहतर रिस्पांस आया है। पिछले पंद्रह दिनों के भीतर 32 कारों की बिक्री कर चुके हैं। जबकि, 73 कारों की बुकिंग की जा चुकी है। ऑल्टो, एसप्रेसो व ईको की मांग सर्वाधिक है। साथ ही कार की जानकारियां लेने शोरूम आने वालों की संख्या भी बढ़ी है। बाइक लेने की योजना बना रहे लोग कार लेने के बारे में विचार कर रहे हैं। ये इस कारोबार से जुड़े सभी लोगों के लिए अच्छी बात है। बिक्री में हुआ इजाफा ये बताता है कि लॉकडाउन के दरम्यान कारोबार को जो नुकसान हुआ है, वो जल्द पूरा हो जाएगा।
- विकास राय, डायरेक्टर - बसेरा वेलोसिटी कार
चौपहिया वाहन के कारोबार के लिए आने वाला वक्त नई उम्मीदों से भरा हुआ है। कोरोना वायरस के संक्रमणकाल के दौरान लोग निजी कार को परिवहन का सबसे सुरक्षित माध्यम मान रहे हैं। लोग बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन की भीड़ के बीच जाना नहीं चाहते। नए ग्राहकों में वे लोग तो हैं ही जो पहली कार खरीद रहे हैं। इसके अलावा तमाम सारे ऐसे लोग भी हैं, जिनके पास पहले से कार है व एक कार और लेने की योजना बना रहे हैं। टाटा और टोयोटा दोनों कंपनियों के चौपहिया वाहनों की मांग तेजी से बढ़ी है।
- राकेश बघेल, संचालक - जेएमके ऑटोमोबाइल्स
छोटी कारों के साथ-साथ बड़े चौपहिया वाहन खरीदने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। एसयूवी की मांग भी लगातार आ रही है। हुंडई और महिंद्रा दोनों ही कंपनियों के चौपहिया वाहनों की मांग बढ़ी है। पचास से अधिक गाड़ियां बेची जा चुकी हैं और बुकिंग भी अच्छी आई है। इसकी सबसे बड़ी वजह लोगों की सोच में आया परिवर्तन है। लोग बस, ट्रेन की जगह निजी गाड़ियों से परिवहन को सबसे सुरक्षित मान रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि कार कारोबार के लिए आना वाला समय तमाम उम्मीदों से भरा हुआ है।
- पवित्र खन्ना, डायरेक्टर - नटराज ऑटोमोबाइल्स