राशन कार्डों के सत्यापन में रोज नए-नए मामले उजागर हो रहे हैं। मऊरानीपुर क्षेत्र में एक अंत्योदय कार्डधारक के घर में कार खड़ी देख पूर्ति विभाग की टीम हैरत में पड़ गई। परिवार ने अतिगरीब श्रेणी का कार्ड बनवाया हुआ था। मामले की जांच के बाद कार्ड निरस्त कर गरीब महिला को दिया गया। मऊरानीपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी महेश चंद्र गौतम को सूचना मिली कि बंगरा ब्लॉक के गांव निमोनी में एक अपात्र परिवार अंत्योदय राशन का लाभ ले रहा है। सूचना के बाद अधिकारियों की टीम कार्डधारक के घर पहुंची, तो वहां एक बड़ा मकान और उसमें कार खड़ी मिली। जानकारी में पता चला कि परिवार में अंगूरी पत्नी प्रेमनरायन के नाम से हर महीने 20 किलो चावल और 15 किलो गेहूं बीते कई सालों से कोटेदार से लिया जा रहा है। मामले में कार्डधारक से पूछताछ की गई, तो वे कोई जवाब नहीं दे सके। इस पर टीम ने कार्डधारक को नोटिस थमाया है। जबकि गांव की अतिगरीब महिला जानकी पत्नी मनसुख को नया अंत्योदय कार्ड जारी किया गया। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने बताया कि अपात्र को नोटिस दिया गया है। मामले में कार्डधारक से रिकवरी भी की जाएगी। ------------- अध्यापक ने जुर्माना अदा कर निरस्त कराया कार्ड झांसी। गांव रेवन में एक अध्यापक ने पत्नी के नाम से बने राशन कार्ड को निरस्त कराया है। दरअसल, पिछले दिनों जांच में एक सरकारी अध्यापक द्वारा पत्नी के नाम से राशन कार्ड बनवाकर राशन लेने का खुलासा हुआ था। मामले में अध्यापक ने विभाग को 16 हजार रुपये जुर्माना अदा कर राशन कार्ड निरस्त करने के लिए आवेदन किया है।