सदर बाजार में छावनी जन चिकित्सालय को कोविड अस्पताल बनाया जाएगा।
झांसी। कैंट हॉस्पिटल को अब 100 बेड का कोविड अस्पताल बनाया जाएगा। इसके लिए यहां पर बेडों की संख्या में इजाफा भी किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग अस्पताल में पैरामेडिकल स्टाफ और सफाई कर्मचारी उपलब्ध कराएगा।
जिले में कोरोना संक्रमितों की लगातार बढ़ती संख्या की वजह से मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध संसाधन अब कमतर साबित होने लगे हैं। इमरजेंसी में भर्ती होने वाले संदिग्ध रोगियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें कोविड अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए बेड के खाली होने का इंतजार करना पड़ता है। झांसी के निजी अस्पतालों में अब तक कोविड मरीजों का इलाज शुरू न होने की वजह से कोरोना के तमाम मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम के अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है। इस समस्या को अमर उजाला लगातार उठाता आ रहा है। अब जनप्रतिनिधि भी इस समस्या के समाधान के लिए आगे आए हैं। बुधवार को मेयर रामतीर्थ सिंघल, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, विधायक रवि शर्मा, डीएम आंद्रा
वामसी कैंट अस्पताल पहुंचे और जायजा लिया। बाद में तय हुआ कि कैंट हॉस्पिटल को 100 बेड का कोविड अस्पताल बनाया जाएगा। डीएम ने कहा कि अस्पताल में 20 सितंबर तक व्यवस्थाएं पूर्ण कराई जाएं। हॉस्पिटल को स्वास्थ्य विभाग पैरामेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मचारी और मेडिकल कॉलेज डॉक्टर उपलब्ध कराए। यह हॉस्पिटल 24 घंटे क्रियाशील रहेगा। शिफ्ट के अनुसार डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित रहेंगे।