झांसी। ब्लॉक प्रमुख पद को लेकर चुनावी बिसात बिछने लगी है। राजनीतिक दल नई रणनीति के साथ मैदान में हैं। इस बार दल अपने उम्मीदवार के नाम पहले से सार्वजनिक करने से परहेज कर रहे हैं। अंदरखाने की जानकारी के मुुताबिक भाजपा एवं सपा ने उम्मीदवार तय कर लिए हैं। इन उम्मीदवारों को गुपचुप तरीके से फंड जुटाने के साथ बीडीसी सदस्यों का समर्थन जुटाने के लिए कह दिया गया। जिपं अध्यक्ष चुनाव में गच्चा खा चुके सपा नेता भी इसी रणनीति पर अमल कर रहे हैं। नामांकन से पहले ही इनके नाम सार्वजनिक किए जाएंगे।
आठ ब्लॉकों में सबसे दिलचस्प लड़ाई बबीना, चिरगांव, मऊरानीपुर एवं मोंठ ब्लॉक में दिखाई पड़ रही है। इस बार चिरगांव एवं मऊरानीपुर ब्लॉक की सीटें सामान्य खाते में हैं। इस वजह से सभी नेताओं की निगाहें इन दो ब्लॉकों में सर्वाधिक है। पिछड़ा वर्ग के लिए बबीना ब्लॉक की सीट रिजर्व की गई है। मोंठ ब्लॉक की सीट अनुसूचित जाति को जबकि बंगरा सीट अनुसूचित जाति महिला के लिए सुरक्षित है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद में भाजपा की रणनीति कामयाब हो चुकी। उसके देखते हुए सपा नेता पहले से ही सावधानी बरत रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि सभी ब्लॉकों के लिए उम्मीदवार तय कर दिए गए हैं। पार्टी ने सामान्य एवं पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित सीटों पर यादव जाति के उम्मीदवार को तरजीह दी है वहीं, भाजपा इन सीटों पर लोधी, कुशवाहा एवं कुर्मी उम्मीदवार पर दांव लगाया है। पार्टी से हरी झंडी मिलने के बाद यह सभी उम्मीदवार बीडीसी सदस्यों को अपने पाले में जुटाने के लिए जी-तोड़ कोशिश में जुट गए हैं। सामान्य सीटों वाले ब्लॉकों में बीडीसी सदस्यों के लिए रेट खुल चुके हैं। साम, दाम, दंड, भेद का हथकंडा अपनाने के बाद भी बीडीसी सदस्य पाला न बदलने पाए इसके लिए उनके विजयी सर्टिफिकेट भी हर ब्लॉक के उम्मीदवार अपने पास जमा करा रहे हैं। चिरगांव में एक उम्मीदवार ने कुछ बीडीसी सदस्यों की निष्ठा को संदिग्ध देखते हुए उनको गुमनाम जगह पर रखा हुआ है। लेकिन, देखने की बात यह होगी कि सपा नेता भाजपा की अंतिम क्षणों के लिए सुरक्षित रणनीति को बेध पाने में कामयाब हो पाते हैं अथवा नहीं।
दो लाख रुपये ही खर्च कर सकेंगे उम्मीदवार
जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से आज खर्च की अधिकतम सीमा की धनराशि भी प्रकाशित कर दी गई। उसके मुताबिक ब्लॉक प्रमुख उम्मीदवार अधिकतम दो लाख रुपये ही खर्च कर सकेंगे। हैरानी की बात यह कि चुनाव घोषित होने से पहले ही बीडीसी सदस्यों को अपने पाले में जुटाने के लिए कई उम्मीदवारों ने अपनी थैली का मुंह खोल दिया था। बबीना ब्लॉक से उम्मीदवार ढाई से तीन लाख रुपये एक बीडीसी सदस्य को दे रहे थे। चिरगांव ब्लॉक से भी इसी तरह एक उम्मीदवार हर उम्मीदवार को दो लाख रुपये की पेशकश करके चर्चा में आ चुके।
ब्लॉक मुख्यालय में होगा मतदान, सफेद रंग को होगा मतपत्र
जिला निर्वाचन अधिकारी आंद्रा वामसी की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक नामाकंन फार्म एवं नामांकन संबंधित ब्लॉक में आठ जुलाई को ग्यारह से तीन बजे के बीच होगा। नाम वापसी 9 जुलाई को एवं मतदान 10 को कराया जाएगा। मतदान के लिए सफेद रंग का मतपत्र निर्धारित किया गया है। उम्मीदवार के नाम के सामने अंक बनाने होंगे। निरक्षर, अधंता एवं अन्य दिक्कतों के चलते मतपत्र को पढ़ पाने अथवा उसमें मत लिख पाने में अक्षम सदस्य को अपने साथ एक साथी को ले जाने की इजाजत होगी।
ब्लॉकवार तैनात किए गए निर्वाचन अधिकारी
ब्लॉक प्रमुख चुनाव को देखते हुए प्रशासनिक तैयारियां भी शुरू हो गईं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी ब्लॉकों में सहायक निर्वाचन अधिकारियों की तैनाती कर दी है। बबीना ब्लॉक में तहसीलदार मनोज कुमार, बड़ागांव में जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मोंठ में तहसीलदार, मोंठ डा.लालकृष्ण, चिरगांव में उपजिलाधिकारी राजकुमार, मऊरानीपुर में तहसीलदार वंदना कुशवाह, बंगरा में अपर नगर मजिस्ट्रेट शशि भूषण, गुरसराय में तहसीलदार गरौठा राकेश कुमार एवं बामौर में जेडीए सचिव त्रिभुवन विश्वकर्मा को सहायक निर्वाचन अधिकारी बनाया गया है।