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वाहन लेने नहीं आ रहे स्वामी

Fri, 27 May 2016 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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police, jhansi news - फोटो : demo
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झांसी। लावारिस से वारिस हुए सैकड़ों वाहन अब पुलिस के लिए मुसीबत बन गए हैं। कई बार संपर्क करने पर भी उनके स्वामी अपने वाहन लेने नहीं आ रहे हैं। उनका कहना है कि वह इंश्योरेंस क्लेम ले चुके हैं। यदि वाहन लेंगे तो इंश्योरेंस कंपनी मुकदमा दर्ज करवा देगी। जिसके चलते पुलिस अधिकारियों ने बुधवार की शाम सभी इंश्योरेंस कंपनियों को वाहनों की सूची भेजकर निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कराने को कहा है।
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विगत माह डीजीपी जावीद अहमद ने पुलिस कप्तानों को थानों पर खड़े लावारिस वाहनों का निस्तारण करने के आदेश दिए थे। इसके चलते एसएसपी झांसी ने थानों पर खड़े वाहनों की सूची बनवाई और संभागीय परिवहन विभाग से साफ्टवेयर लेकर उनके स्वामियों के बारे में जानकारी की। 976 वाहनों में से पुलिस टीम ने 573 वाहनों के स्वामियों का पता कर लिया। पुलिस कर्मियों ने फोन करके प्रत्येक वाहन स्वामी को वाहन बरामद होने के बारे में इत्तला दी।

इसके बाद करीब 90 वाहन स्वामी अपने वाहनों को पुलिस से ले गए, मगर शेष 483 वाहनों के स्वामी नहीं आए। जब पुलिस विभाग ने दोबारा से वाहन स्वामियों से संपर्क किया तो कुछ ने दूरी और कइयों ने इंश्योरेंस कंपनी से क्लेम ले लेने की वजह से आने से इनकार कर दिया। जिसकी वजह से वारिस हुए वाहन पुलिस के गले की फांस बन गए हैं। जिसके चलते विगत दिनों पुलिस अधिकारियों ने वारिस हुए वाहनों की सूची सभी इंश्योरेंस कंपनियों को मेल के माध्यम से भेज दी है।
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साथ ही उनसे कहा गया है कि वह जल्द से जल्द वाहनों का निस्तारण करें, चाहे इसके लिए उन्हें नीलामी प्रक्रिया ही क्यों न अपनानी पड़े? वहीं, शेष 403 वाहनों के स्वामियों का पता लगाने के लिए पुलिस टीम काम कर रही है। करीब 50 फीसदी वाहनों के बारे में पता चला गया है। वाहन स्वामियों से संपर्क किया जा रहा है ताकि वह अपने वाहन लेने आ सकें।  

एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि शिनाख्त होने के बाद भी वाहन स्वामी अपने वाहन लेने नहीं आ रहे हैं। कई बार उनसे पुलिस संपर्क कर चुकी है। कइयों ने इंश्योरेंस क्लेम लेने की वजह से वाहन लेने से इनकार कर दिया है। जिसके चलते इंश्योरेंस कंपनियों को वाहनों की सूची भेज दी गई है ताकि वह उनकी नीलामी कर सकें।
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