झांसी। नकली व मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच को झांसी में स्थापित खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला में जांच का काम शुरू तो कर दिया गया है, लेकिन इसे अब तक फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया का प्रमाण पत्र नहीं मिल पाया है, जिससे नमूना फेल होने पर भी संबंधित के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
मेडिकल कालेज परिसर में स्थित प्रयोगशाला में खाद्य पदार्थों की जांच जारी है। आधा दर्जन नमूनों में मिलावट की पुष्टि हुई है। बावजूद, संबंधित विक्रेता /निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इसकी प्रमुख वजह प्रयोगशाला के पास फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया की मान्यता न होना है। इसके अभाव में जांच में नमूना फेल होने के बाद भी संबंधित के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती है। यहां जांच होने के बाद नमूनों को प्रदेश की अन्य प्रयोगशालाओं में भेजा जाता है। वहां मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित निर्माता /विक्रेता कार्रवाई की जद में आता है।
‘फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया के प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया जा चुका है। जल्द मिलने की उम्मीद है। फिलहाल, यहां मिलावट की पुष्टि होने के बाद जांच के लिए नमूने प्रदेश की अन्य प्रयोगशालाओं में भेजे जा रहे हैं।’
- एस के चौरसिया, लैब प्रभारी