चुनाव में ताल ठोंक सकते हैं बृजेंद्र व्यास
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राजनीति में हाशिए पर चल रहे पूर्व विधायक बृजेंद्र कुमार व्यास (डमडम महाराज) भी विधानसभा चुनाव में ताल ठोंक सकते हैं। उन्होंने नो ड्यूज संबंधी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर साल 2002 में पहली बार विधानसभा पहुंचे बृजेंद्र कुमार व्यास का राजनीतिक कैरियर तेजी से आगे बढ़ा था।
बसपा ने उनके बड़े भाई बृजकिशोर व्यास को झांसी विधानसभा के उपचुनाव में प्रत्याशी बनाया था, लेकिन वह हार गए थे। इसके बाद उन्हें बसपा से निष्कासित कर दिया गया था। उन्होंने 2009 में झांसी विधानसभा से उपचुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ा था। इस चुनाव में उन्होंने बसपा प्रत्याशी कैलाश साहू को कड़ी टक्कर दी थी और मात्र नौ वोटों से उनकी हार हुई थी। इसके बाद वह कांग्रेस पार्टी में चले गए और झांसी विधानसभा का चुनाव लड़ा, लेकिन इस बार जनता ने उन्हें नकार दिया। कुछ दिनों बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और बसपा में शामिल हो गए, लेकिन पिछले दिनोें बसपा से उन्हें निष्कासित कर दिया गया था।
इसके बाद से वह हाशिए पर चल रहे हैं। लेकिन, इस बार वह विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। नगर निगम से नो ड्यूज प्राप्त करने के बाद उन्होंने जिला निर्वाचन कार्यालय से वोटर लिस्ट संबंधी अन्य औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं।
बृजेंद्र कुमार व्यास ने बताया कि वह चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन कहां और किस पार्टी से लड़ेंगे, इसका खुलासा आने वाले दिनों में कर दिया जाएगा।
गरौठा या सदर सीट पर चर्चा
बृजेंद्र कुमार व्यास गरौठा विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं। वह गुरसराय के रहने वाले हैं, इसलिए गरौठा क्षेत्र से उनके चुनाव लड़ने की ज्यादा संभावना है। वह झांसी में भी सक्रिय रहते हैं, जिससे झांसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के भी कयास लगाए जा रहे हैं।